UP: छात्र नेता की हत्या करने वाला बदमाश मुठभेड़ में घायल, पुलिस कस्टडी में इलाज जारी
इलाहाबाद. शहर के धूमनगंज थाना इलाके में नेहरू पार्क के पास पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़ में एक बदमाश घायल हो गया। बांदा के रहने वाले बदमाश राम बाबू कुशवाहा के बाएं पैर में गोली लगी। घायल हालत में पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया है।

छात्र नेता की हत्या का है आरोप
-बदमाश के खिलाफ हाल ही में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र उपेन्द्र यादव की हत्या का केस हैं। उसने उपेन्द्र को आशनाई के चक्कर में गोली मारी थी। मुठभेड़ के दौरान बदमाश का दूसरा साथी नाले में कूदकर फरार हो गया। पुलिस ने दावा किया है कि फरार बदमाश को भी गोली लगी है।
नेहरू पार्क में छिपा था गिरोह
-धूमनगंज पुलिस को रविवार रात पता चला कि नेहरू पार्क में बदमाशों का एक गैंग छिपा है। पुलिस ने वहां दबिश दी तो बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक बदमाश घायल हो गया। जबकि दूसरा बदमाश बगल में स्थित नाले में कूदकर भाग निकला। सीओ (सेकेंड) श्रीशचन्द्र और एसपी सिटी सिद्धार्थ शंकर मीणा भी मौके पर पहुंच गये।
एसआरएन हास्पिटल में भर्ती
– पुलिस ने घेराबंदी कर एक घायल बदमाश को हिरासत में ले लिया। जिसके बाद बदमाश को एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया। बदमाश ने अपना नाम रामबाबू कुशवाहा (30) पुत्र कसिया कुशवाहा निवासी मर्दन नाका, कोतवाली, बांदा बताया।
बांदा में एक दर्जन से ज्यादा मामलों में थी तलाश
– बांदा में बदमाश के खिलाफ हत्या, लूट समेत करीब एक दर्जन मामले दर्ज हैं। सीओ सिविल लाइंस श्रीचन्द्र ने बताया कि धूमनगंज के नेहरू पार्क के समी बदमाशों से पुलिस की मुठभेड़ हो गयी और अपराधी गोली चलाते हुए भागने लगे। इस दौरान एक अपराधी गोली लगने से घायल हो गया है। जबकि एक अपराधी भागने के प्रयास में नाले में कूद गया है। उसकी तलाश के लिए गोताखोर लगाये गये हैं।
आठ अक्टूबर को एयू के छात्र को आशनाई में मारी थी गोली
-रामबाबू ने म्यौराबाद में गत आठ अक्टूबर को उपेन्द्र यादव को देर रात गोली मार दी थी। जिसमें आशनाई का मामला सामने आया था। रामबाबू का दोस्त एक लड़की से बातचीत करता था। उसी से उपेन्द्र यादव की भी बातचीत हो रही थी। इसकी भनक लगने पर रामबाबू ने उपेन्द्र यादव को गोली मार दी थी। उपेन्द्र को उसी दिन लखनऊ के केजीएमयू हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहां उपचार के दौरान 17 अक्टूबर को उपेन्द्र की मौत हो गयी थी। फिलहाल, रामबाबू का पुलिस कस्टडी में इलाज चल रहा है।





