झारखंड के मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन आज अदालत में कर सकते हैं सरेंडर…

Jharkhand News, Hemant Soren News चुनाव आयोग की नोटिस के बाद संभावित कार्रवाई और सिर पर मंडरा रहे अयोग्‍यता के खतरे के बीच झारखंड के मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन आज अदालत में सरेंडर कर सकते हैं। सीएम के नजदीकी सूत्रों की मानें तो तमाम राजनीतिक खींचतान और सियासी घमासान के बीच वे दोपहर बाद रांची की विशेष अदालत में आत्‍मसमर्पण करेंगे। साल 2019 में राजधानी रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र में धरना- प्रदर्शन को लेकर तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष के तौर पर उनपर मामला दर्ज किया गया था। अरगोड़ा थाना में कांड संख्या 149/19 के तहत दर्ज एफआइआर में हेमंत सोरेन अबतक हाजिर नहीं हुए थे। हालांकि, झारखंड में तेजी से बदल रहे सियासी समीकरण को देखते हुए इस मामले में सीएम हेमंत सोरेन बुधवार को एमपी-एमएलए की विशेष अदालत में सरेंडर कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का जवाब तैयार करने में जुटा सीएमओ

अपने नाम पर खदान लीज लेकर जनप्रतिनिधित्‍व कानून का उल्‍लंघन करने के आरोपाें का सामना कर रहे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जल्‍द ही चुनाव आयोग को अपना जवाब देंगे। मुख्‍यमंत्री कार्यालय सीएम सोरेन के लिए जवाब तैयार करने में जुटा है। बुधवार को हैदराबाद से रांची आने के बाद वे इसके लिए देश के नामचीन विधि विशेषज्ञों से भी मंत्रणा करेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार झारखंड हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के अनुभवी वकीलों से परामर्श लेकर सीएम का जवाब तैयार किया जाएगा।

बता दें कि सोमवार को भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कार्रवाई का नोटिस देकर उनका पक्ष मांगा है। यह मामला हेमंत सोरेन के नाम पर खनन पट्टा लेने से जुड़ा है। जिसे कुछ दिनों बाद ही सरेंडर कर दिया गया था। इधर पूर्व मुख्‍यमंत्री रघुवर दास, भाजपा की ओर से राज्यपाल रमेश बैस को ऑफिस ऑफ प्रॉफिट की शिकायत की गई। जिसके बाद राज्यपाल ने चुनाव आयोग से पूरे मामले की जांच कर मुख्‍यमंत्री के खिलाफ संभावित कार्रवाई के लिए मंतव्य मांगा है। इस क्रम में आयोग ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछा है कि जनप्रतिनिधित्‍व कानून की धारा 9ए के तहत क्यों न आपकी सदस्यता रद कर दी जाए।

राज्‍य में तेजी से बदल रही राजनीतिक गतिविधियों के बीच मुख्‍य विपक्षी दल भाजपा भी रेस हो गई है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश मंगलवार को दिल्ली के लिए निकले। वे वहां चुनाव आयोग द्वारा हेमंत सोरेन से मांगे गए जवाब पर संगठन के वरीय नेताओं से विमर्श करेंगे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चुनाव आयोग से दी गई नोटिस की एक प्रति भाजपा को भी भेजी गई है। क्‍योंकि भाजपा ने इस मामले की शिकायत राज्यपाल रमेश बैस से की थी। ऐसे में भारत निर्वाचन आयोग ने प्रदेश भाजपा का भी पक्ष मांगा है।

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