पानी के टंकी में मिली युवक की लाश, पिता ने बताया कुछ ऐसा…

ग्वालियर . सेकंड बटालियन के बैरक क्वार्टर के मैदान में बनी पानी की टंकी में शनिवार की सुबह एक युवक की लाश मिली है। युवक के पेट पर चोट के निशान हैं। पिता ने हत्या की आशंका जताई है। पिता का कहना है कि उनके बेटे को जन्माष्टमी पर दो युवकों ने बंधक बनाकर पीटा था, उन्होंने ही उसकी हत्या की होगी। पुलिस ने लाश का पोस्टमार्टम कराने के साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी है। जिन युवकों पर हत्या की आशंका जताई गई है, उन्हें पुलिस तलाश कर रही है।
पानी के टंकी में मिली युवक की लाश, पिता ने बताया कुछ ऐसा...
– स्टेट साइबर सेल के बगल से स्थित सेकंड बटालियन के बैरक क्वार्टर के मैदान में पानी की टंकी रखी हुई है। सुबह बच्चे मैदान में क्रिकेट खेलने आए थे। इसी दौरान उनकी गेंद पानी की टंकी में चली गई। बच्चों में टंकी में झांककर देखा तो उसमें युवक की लाश पड़ी थी।
– उन्होंने इसकी सूचना नजदीक ही चाय की दुकान चलाने वाले को दी। उन्होंने पुलिस को फोन कर दिया। सूचना मिलते ही कंपू थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई अौर टंकी से लाश निकलवाने के बाद आसपास पूछताछ कर पहचान करने की कोशिश की। लेकिन सफलता नहीं मिली।
– लाश को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा दिया गया। इसके बाद यहां पर आर्मी की बजरिया में रहने वाले किशनलाल सेन पहुंचे। इनका बेटा दो दिन से लापता था। पोस्टमार्टम हाउस में पहुंचकर किशनलाल ने युवक की पहचान अपने बेटे सतीश (25) के रूप में कर दी।
– किशन लाल का कहना था कि दो दिन पहले उनका बेटा गुढ़ागुड़ी का नाका स्थित माता की झांकी में जाने की कहकर गया था। वह पहले भी ऐसे ही एक-दो दिन के लिए चला जाता था इसलिए पुलिस में रिपोर्ट नहीं की। 
– मेरे बेटे की हत्या की गई है, उन दो लड़कों को पकड़ो जिन्होंने बंधक बनाकर पीटा था : किशन लाल का कहना था कि सतीश मानसिक रूप से कमजोर था। उसने जन्माष्टमी को दो युवकों को विमल पंडित का मोबाइल फोन उठाते हुए देख लिया था।
– उसने इसकी शिकायत की थी तो इस पर उन युवकों ने उसे बंधक बनाकर पीटा था। पुलिस के सामने किशन उन युवकों का नाम नहीं बता पाए थे हालांकि यह युवक कहां मिल सकते हैं, यह उन्होंने पुलिस को बता दिया था। 
– पिता किशनलाल पोस्टमार्टम हाउस में बेटे की पहचान करने के बाद रोते हुए घर पहुंचे और मौत की खबर सुना दी। मां शांता बाई को भराेसा नहीं हुआ और उन्होंने साथ गए पड़ाेसियों से पूछा तो उन्होंने कह दिया कि सतीश तो दुबला था लेकिन लाश फूली हुई है। मां को भरोसा नहीं हुआ तो उन्होंने अपनी बहन, भाई और भतीजे को पहचान के लिए भेजा था। उन्होंने भी पहचान सतीश के रूप में ही की।
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