अग्निपथ योजना को लेकर व्याप्त आशंकाओं को दूर किए जाने के बाद अब थमने लगा है युवाओं का आक्रोश, देखें राज्‍य वार रिपोर्ट

केंद्र सरकार और सेना की ओर से अग्निपथ योजना को लेकर व्याप्त आशंकाओं को दूर किए जाने के बाद युवाओं का आक्रोश अब थमने लगा है। सबसे ज्यादा विरोध वाले बिहार में रविवार को कहीं कोई हिंसा नहीं हुई। दिल्ली, मप्र, झारखंड, पंजाब और उत्तराखंड में सबकुछ शांत रहा। उत्तर प्रदेश भी कोई बड़ी घटना नहीं हुई। लेकिन, राजनीतिक दल युवाओं को विरोध के लिए उकसाने में लगे हुए हैं। कांग्रेस ने दिल्ली में इसके खिलाफ सत्याग्रह किया तो स्टूडेंट्स फेडरेशन आफ इंडिया समेत कई छात्र व युवा संगठनों ने भी प्रदर्शन किया।

जंतर मंतर पर कांग्रेस ने किया सत्याग्रह

दिल्ली में जंतर-मंतर पर आयोजित सत्याग्रह में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदर्शनकारी युवाओं से अपील की कि शांति के साथ अपनी बात रखें और देश की संपत्ति का नुकसान न करें। केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। यह योजना युवाओं पर थोपी जा रही है। सरकार अग्निपथ की राह पर है और कांग्रेस सत्याग्रह की राह पर है।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार को अहम छोड़कर इस योजना को वापस लेना होगा। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि सरकार सेना की परंपरा को नष्ट कर रही है। आने वाले दिनों में देश में सभी शहीद स्थलों पर सत्याग्रह किया जाएगा। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने योजना को दिशाहीन बताते हुए युवाओं से आग्रह किया कि हिंसा न करें। सचिन पायलट ने कहा कि सेना के साथ गलत किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी सत्याग्रह कर यह योजना वापस लेने के लिए सरकार को मजबूर करेगी।

योजना को रद करवाने के लिए हर प्रयास करेंगे

पंजाब के मुख्‍यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि अग्निपथ योजना का विरोध जायज है, लेकिन युवा देश की संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं। हम इस मुद्दे में युवाओं के साथ हैं। इसे रद करवाने के लिए हर प्रयास करेंगे।

उत्तराखंड में वाम विचारधारा वाले दे रहे हवा

सैन्य बहुल उत्तराखंड में इसके विरोध पर सरकार, पुलिस व खुफिया एजेंसियां नजर रखे हुए हैं। विरोध प्रदर्शन के मूल में कई कारण सामने आए हैं। खुफिया एजेंसियों के अनुसार उत्तराखंड में हुए आंदोलन में वामपंथी विचारधारा वालों की सक्रियता अधिक नजर आई है। साथ ही, सितंबर में प्रस्तावित छात्रसंघ चुनाव के कारण छात्र संगठनों से जुड़े नेता युवाओं का नेतृत्व कर रहे हैं।

बिहार में युवाओं को भड़काने वालों की पहचान में जुटी पुलिस

बिहार में तीन दिनों तक हुए बवाल और तोड़फोड़ के बाद रविवार का दिन शांतिपूर्ण रहा। कहीं से हिंसा या बवाल की बात सामने नहीं आई। एहतियातन 15 जिलों में इंटरनेट सेवा पर लगाई गई रोक को अगले 24 घंटे के लिए और बढ़ा दिया गया है। अब सोमवार तक इन जिलों में फेसबुक, ट्विटर और वाट्सएप जैसे इंटरनेट मीडिया पर तस्वीरें, वीडियो या संदेश नहीं भेजे जा सकेंगे। हालांकि रेलवे, बैंकिंग एवं अन्य सरकारी सेवाएं इससे प्रभावित नहीं होंगी।

बीते दिनों में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, आगजनी तथा तोड़फोड़ करने वालों की पहचान की कोशिश शुरू हो गई है। अब तक 145 प्राथमिकी दर्ज की गई है और 804 अराजक तत्वों को गिरफ्तार किया गया है। उत्तराखंड के चमोली, पिथौरागढ़, हल्द्वानी व देहरादून में योजना के खिलाफ युवा शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में भी रविवार को विरोध की तपिश कुछ कम हुई, लेकिन चंदौली, फर्रुखाबाद और गाजीपुर में छिटपुट घटनाएं हुईं। गाजीपुर के बंजारी रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं को पुलिस ने खदेड़ दिया। फर्रूखाबाद में कानपुर पैसेंजर पर पथराव हुआ। चंदौली में पथराव के बाद उपद्रवियों ने पुलिस जीप फूंक दी। पंजाब के आनंदपुर साहिब में कीरती किसान मोर्चा के सदस्यों व पंजाब छात्र संघ के नेताओं ने ऊना-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर करीब डेढ़ घंटे तक जाम लगाया।

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