फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच पर कोरियोग्राफर सरोज खान की टिप्पणी के बाद कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी ने भी इसका समर्थन करते हुए कहा था, ‘यह सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री में ही नहीं. यह हर जगह होता है और यही कड़वी सच्चाई है. ऐसा मत सोचिए कि संसद या दूसरी जगह इससे अछूती है.अभी अभी : कास्टिंग काउच पर इस अभिनेता ने दिया बड़ा बयान...

यह समय है कि भारत को साथ खड़ा होना चाहिए और Me Too कहना चाहिए. उनके इस बयान के बाद जब अभिनेता कमल हासन से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा, ‘हर एक महिला को ना कहने का हक है. उसे इस बात का अधिकार है कि इंडस्ट्री में फैले कास्टिंग काउच का पुरजोर विरोध कर सके.’ कमल ने मंगलवार को अपने निवास स्थान के बाहर एक बैठक के दौरान ये बात कही. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि किसी भी महिला को इसके पक्ष में बोलने और इसको लेकर इंडस्ट्री में काम कर रही हमारी बहन-बेटियों के अधिकार को नीचा दिखाने का हक नहीं है.” रेणुका चौधरी के बयान पर टिपण्णी करते हुए कमल ने कहा, ”ये पॉलिटिक्स के अंदर का एक और करप्शन है. हमें इसे मिटाने के लिए भी सार्थक प्रयास करने होंगे.”

बता दें कि सरोज खान ने कास्टिंग काउच को लेकर एक सवाल के जवाब में कहा था, ‘ये सब तो बाबा आदम के जमाने से चला आ रहा है. हर लड़की पर कोई न कोई हाथ साफ करने की कोशिश करता है.सरकार के लोग भी करते हैं. फिर आप लोग फिल्म इंडस्ट्री के पीछे क्यों पड़े रहते हो. फिल्म इंडस्ट्री कम से कम रोटी तो देती है, ऐसे ही रेप करके छोड़ तो नहीं देती.’ इस बयान पर तूल पकड़ता देख सरोज ने कहा- मुझे खेद है. मैं माफी मांगती हूं.

सरोज खान ने कहा था, ‘ये सब लड़की के ऊपर होता है कि वो क्या चाहती है. अगर वो किसी के हाथ नहीं आना चाहती तो ना आए. ‘तुम उसके हाथ में नहीं आना चाहती हो तो नहीं आओगी. तुम्हारे पास आर्ट है तो तुम क्यों बेचोगी अपने आप को. फिल्म इंडस्ट्री को कुछ मत कहना,वो तुम्हारी माई-बाप है.’

बता दें कि निर्मला सीतारण ने पिछले दिनों रेप पीड़ितों के एक मुद्दे पर फिल्म शोले के डॉयलॉग को दोहराया था. उन्होंने कहा था कि आज जब रेप की घटना सामने आती है तो पुलिस वाले पूछते हैं कि कितने आदमी थे. उन्होंने कहा था कि ऐसे माहौल में पीएम को विदेश जाने का शौक है. उन्होंने पीड़ित परिवार से उनके दर्द जानने की कोशिश नहीं की.