अगर आपने भी किया अपने मोबाइल फोन के IMEI नंबर से छेड़छाड़, तो हो सकता है…

 New Delhi: केंद्र सरकार ने देश में बढ़ती मोबाइल चोरी और झपटमारी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए नया कानून लागू कर दिया है। इसके तहत सरकार ने मोबाइल के IMEI नंबर से छेड़छाड़ करने को दंडनीय अपराध बना दिया है। अब IMEI नंबर से छेड़छाड़ करने पर सीधे 3 साल तक की जेल हो सकती है।अगर आपने भी किया अपने मोबाइल फोन के IMEI नंबर से छेड़छाड़, तो हो सकता है...

आपको बता दें कि जिस तेजी से भारत में मोबाइल फोनों का इस्तेमाल होने लगा है, उसी तेजी से इनके चोरी और झपटमारी की वारदातें बढ़ती जा रही हैं। मोबाइल चोर इन्हें अक्सर ऐसे दुकानदारों को बेच देते हैं, जो फोन का IMEI नंबर बदल देते हैं। ऐसे में पुलिस पुराने IMEI को ट्रैक भी करे तो मोबाइल की लोकेशन नहीं मिल पाती। यही वजह है कि देशभर के सभी राज्यों में कभी कभार भूल-भटके कोई चोरी हुआ मोबाइल मिल पुलिस खोज पाती है।

शिकायत करने वाले मानते हैं कि पुलिस उनकी खोई चीज को नहीं ढूंढती, लेकिन चोरी होने के बाद मोबाइल फोन ऑन करने से पहले ही कुछ लोग इनका IMEI नंबर बदल देते हैं।  आपको बता दें कि IMEI नंबर हर मोबाइल के लिए जारी होने वाला विशेष डिजिटल कोड है, जिसके जरिए उसकी पहचान होती है।

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 टेलीकॉम मिनिस्ट्री ने इस बारे में एक नोटिफिकेशन 25 अगस्त को जारी किया था। इस कदम से फर्जी IMEI नंबर से जुड़े मुद्दों पर काबू पाने के साथ-साथ खोए मोबाइल डिवाइसेस का पता लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है। नोटिफिकेशन में कहा गया किसी भी मोबाइल के अंतरराष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान IMEI नंबर में जानबूझाकर छेड़खानी, बदलाव या उसे मिटाना अवैध है।

नए नियम को मोबाइल उपकरण पहचान संख्या में छेड़छाड़ निरोधक नियम 2017 नाम दिया गया है। ये रूल इंडियन टेलीग्राफ कानून की धारा 7 और धारा 25 के संयोजन से बनाया गया है। इस बीच दूरसंचार विभाग एक नई तकनीक भी जल्द लागू कर रहा है जिसके तहत किसी भी नेटवर्क के खोए गए और चोरी हुए मोबाइल की सभी सेवाएं बंद की जा सकेंगी, भले ही उसके सिम या IMEI नंबर को बदल दिया जाए।

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