सुशील गुप्ता ने आरोप लगाने वालों के खिलाफ खोला मोर्चा और कहा…
नई दिल्ली। दिल्ली की तीनों राज्यसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों का एलान होने के 24 घंटे के भीतर एक आम आदमी पार्टी उम्मीदवार सुशील गुप्ता ने आरोप लगाने वालों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दिल्ली के बड़े कारोबारी और राज्यसभा के लिए आम आदमी पार्टी से उम्मीदवार सुशील गुप्ता ने ऐसे नेताओं को मानहानि का नोटिस भेजा है, जिन्होंने उन पर अनर्गल आरोप लगाए थे। 
जिन नेताओं को सुशील गुप्ता ने नोटिस भेजा है, उनमें दिल्ली के बागी आम आदमी पार्टी नेता कपिल मिश्रा भी शामिल हैं, जबकि अन्य नेताओं में भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा और भाजपा के नेता हरीश खुराना हैं। सुशील का कहना है कि इन तीनों नेताओं ने उन पर झूठे आरोप लगाए हैं। वहीं, नोटिस पर दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने ट्वीट करके जवाब भी दे दिया है। उन्होंने ट्वीट में लिखा है- धन्नासेठ सुशील गुप्ता ने मानहानि का नोटिस भिजवाया है, मेरे जवाब घुंघरू सेठ तक पहुंचा देना है।
कपिल मिश्रा ने कहा था- ‘लीडर नहीं डीलर को चुना गया है’
दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री और आप विधायक कपिल मिश्र ने राज्यसभा में भेजे जाने वाले लोगों का विरोध किया है। उनका कहना है कि जिन लोगों का नाम पार्टी ने तय किया है, वे आंदोलनकारी नहीं हैं, कार्यकर्ता नहीं हैं। उन लोगों को टिकट बेचा गया है। टिकटों का सौदा किया गया है। इन लोगों की यही पहचान है कि ये पैसे वाले लोग हैं। इस तरह के लोगों को टिकट देकर पार्टी की हत्या की गई और सुशील गुप्ता संसद में जाकर इसका पिंडदान करेंगे।
कपिल मिश्रा ने ट्वीट किया था कि पार्टी को लीडर और डीलर में से एक चुनना था सो चुन लिया। आप की ओर राज्यसभा के लिए नामों की घोषणा करने से पहले ही कपिल मिश्र ने एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने एक काटरून के साथ 4 लाइन की कविता लिखी-
घातक है, जो देवता-सदृश दिखता है,
लेकिन, कमरे में गलत हुक्म लिखता है,
जिस पापी को गुण नहीं गोत्र प्यारा है,
समझो, उसने ही आंदोलन को मारा है।
50 करोड़ रुपये में टिकट की बात हुईः भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा
वहीं, दिल्ली से भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने सुशील गुप्ता के चयन पर कहा था कि आम आदमी पार्टी ने करोड़ों रुपये लेकर राज्यसभा का टिकट बेचा है। सुशील गुप्ता ने खुद बताया था कि 50 करोड़ रुपये में टिकट की बात हुई है। हमने सोचा था कि केजरीवाल अपनी पत्नी को राज्यसभा भेजेंगे, लेकिन उन्होंने पैसे की खातिर किसी और को चुना।
…तो मैं परिवार के साथ देश छोड़कर चला जाऊंगा
प्रवेश वर्मा ने यह भी कहा था कि केजरीवाल का नार्को टेस्ट हो और वह 50 करोड़ में सीट बेचने की बात स्वीकार न कर लें तो मैं परिवार के साथ देश छोड़कर चला जाऊंगा।
केजरीवाल ने 50-50 करोड़ में राज्यसभा की टिकटें बेच दींः रमेश विधूड़ी, भाजपा सांसद
उधर, दिल्ली से भाजपा सांसद रमेश विधूड़ी ने कहा था कि अरविंद केजरीवाल ने 50-50 करोड़ में राज्यसभा की टिकटें बेच दीं। ऐसी राजनीति से पार्टी ने राजनीति को कलंकित किया है। साथ ही कहा, ‘भाजपा के 12 करोड़ सदस्य हैं। कुमार विश्वास अगर हमारी पार्टी की नीतियों में भरोसा करें तो स्वागत है।
AAP का अंत तय है
AAP के उम्मीदवारों के चयन पर दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा था कि अरविंद केजरीवाल ताल ठोंककर भ्रष्टाचार करने वाले हो गए हैं। जनता उनके कारनामों को देख रही है। उन्हें पता चल गया है कि लोगों में नाराजगी है। वह अब बहुत दिनों तक सत्ता में नहीं रहेंगे, इसलिए तिजोरी भरने में लगे हुए हैं। जिस तरह से वह लूट मचा रहे हैं वह चिंता की बात है। केजरीवाल दिल्ली को बड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिए दिल्लीवासियों, उपराज्यपाल व न्याय व्यवस्था को भी सचेत रहना होगा। राज्यसभा उम्मीदवारों की घोषणा उनकी पार्टी का अंदरूनी मामला है, लेकिन मुझे लगता है कि आज उन्होंने पार्टी को नष्ट करने का सबसे बड़ा कदम उठा लिया है। पार्टी के शुरुआती सिपाहियो को नजरअंदाज किया गया। आप का अंत तय है।
बता दें कि इससे पहले बुधवार को AAP ने राज्यसभा के लिए अपने तीन प्रत्याशी तय कर दिए। इनमें संजय सिंह को छोड़ सुशील गुप्ता और नारायणदास गुप्ता बाहरी हैं। सुशील एक महीने पहले तक कांग्रेस के साथ थे। वह आप के खिलाफ अभियान में भी शामिल रहे। पार्टी ने कुमार विश्वास व आशुतोष को दरकिनार कर दिया है।
जानें AAP के तीनों उम्मीदवारों के बारे में
सुशील गुप्ता: दिल्ली के बड़े कारोबारी हैं। करीब एक महीन पहले कांग्रेस से इस्तीफा दिया है। सुशील गुप्ता के दिल्ली और खासतौर से हरियाणा में 25-30 स्कूल, कॉलेज और अस्पताल हैं। हरियाणा में वैश्य समाज में उनकी अच्छी पकड़ है, जिससे पार्टी को हरियाणा ही नहीं दिल्ली में भी अपना आधार मजबूत करने में मदद मिलेगी। कांग्रेस के टिकट पर मोतीनगर से 2013 का दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। तब उन्हें भाजपा के सुभाष सचदेवा के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। वह उस समय दूसरे सबसे अमीर उम्मीदवार थे और हलफनामे में अपनी संपत्ति 164 करोड़ रुपये बताई थी।
नारायणदास गुप्ता: पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। करीब डेढ़ साल से आम आदमी पार्टी का आयकर विभाग में केस संभाल रहे हैं। आयकर विभाग ने आप को फंडिंग में गड़बड़ी के आरोप में 30 करोड रुपये टैक्स देने का आदेश दिया है। जीएसटी के अच्छे जानकार हैं। नारायणदास गुप्ता (68) अरविंद केजरीवाल से एनजीओ परिवर्तन के समय से जुड़े हैं।
संजय सिंह: आप के वरिष्ठ नेता हैं। इनका नाम इसलिए तय किया गया ताकि यह संदेश दिया जा सके कि पार्टी अपने कार्यकर्ताओं की अहमियत समझती है। संजय सिंह के नाम को लेकर कोई विवाद भी नहीं था। यहां तक कि कुमार विश्वास के समर्थक भी संजय सिंह के नाम को लेकर कोई आपत्ति नहीं जता रहे हैं। संजय सिंह आप संयोजक अरविंद केजरीवाल से आंदोलन के समय से ही जुड़े हैं। उन्होंने पंजाब चुनाव में प्रभारी भी बनाया गया था। उस समय उन पर कई तरह के आरोप भी लगे थे।





