कोरोना काल में कहर बन के टूटेगा सुपर साइक्लोन ‘अम्फान’ आज पश्चिम बंगाल के तट पर टकराने की संभावना

सुपर साइक्लोन ‘अम्फान’ (Amphan Cyclone) के आज पश्चिम बंगाल के तट पर टकराने की संभावना है. इस दौरान 155 से 185 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक हवाएं चलने और भारी बारिश का अनुमान है.

भारत मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक इस दौरान बंगाल के तटीय जिलों में भारी बारिश होगी और समुद्र में चार-पांच मीटर ऊंची लहरें उठेंगी.

मौसम विभाग के अनुसार यह चक्रवात उत्तर और उत्तर पश्चिम दिशा में काफी रफ्तार में आगे बढ़ रहा है. अनुमान है कि इसकी गति अभी और बढ़ेगी. साइक्लोन अम्फान आज दोपहर तक पश्चिम बंगाल के दीघा और बांग्लादेश के हादिया में टकरा सकता है.

तूफान के खतरे को देखते हुए ओडिशा में 1704 कैम्प बनाए गए हैं. साथ ही 1,19,075 लोगों को तटिए इलाके से दूर ले जाया गया है.

मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवात की रफ्तार काफी से बढ़ रही है. चक्रवात अम्फान अपने केंद्र में 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है.

कैम्प्स के अलावा ओडिशा में 2000 से ज्यादा मकान तैयार हैं, जिनमें जरूरत पड़ने पर तटवर्ती इलाके के लोगों को रखा जाना है. इससे पहले ही यहां मछुआरों और समुद्र के किनारे रहने वाले लोगों को वहां से हटा लिया गया है.

ओडिशा में सुबह के करीब 4:30 बजे ही कुछ हिस्सों में 82 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी. तटिए इलाके के लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया गया है. राज्य सरकार के अधिकारी नजर बनाए हुए हैं. साथ ही एनडीआरएफ की कई टीमें वहां तैनात की गई हैं.

ओडिशा के भद्रक में तेज हवाएं चलनी शुरू हो गई हैं. मौसम विभाग का अनुमान है कि दिन में करीब 2:30 बजे के आसपास चक्रवात ओडिशा के तट से टकराएगा.

बालासोर के चांदीपुर में तेज हवाएं बढ़ चली हैं. तट पर हलचल दिखने लगी है. अम्फान ओडिशा समेत तट से सटे 8 राज्यों में तबाही मचा सकता है.

इसके मद्दे नजर बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, केरल, तमिलनाडु में पहले ही अलर्ट जारी कर दिया है. ओडिशा और पश्चिम बंगाल में एनडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं. ओडिशा के मुख्यमंत्री ने कहा है कि तूफान से एक भी व्यक्ति की जान न जाए, इसकी व्यवस्था की गई है.

वहीं, सुपर साइक्लोन अम्फान का असर मॉनसून पर भी पड़ सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक मॉनसून आने में कुछ समय की देरी हो सकती है.

भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि पहले मॉनसून के 1 जून तक आने की संभावना थी लेकिन अब अम्फान साइक्लोन की वजह से कुछ दिनों और लग सकते हैं.

वहीं, केरल में भी मॉनसून के देर से पहुंचने की संभावना है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा कि केरल में इस बार मॉनसून देर से पहुंचेगा. मौसम विभाग ने बताया कि केरल में इस साल मॉनसून पांच जून तक आ सकता है.

पिछले साल अंडमान-निकोबार में मॉनसून अपनी तय तारीख से दो दिन पहले 18 मई को आ गया था लेकिन गति धीमी पड़ने से केरल में कुछ देर से पहुंचा था, जबकि पूरे देश में मॉनसून की शुरुआत 19 जुलाई को हुई थी. विभाग के मुताबिक इस साल मॉनसून सामान्य रहेगा.

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