स्टडी में हुआ खुलासा: स्पर्म काउंट पर बुरा असर डाल रहा हैं कोरोना, डैमेज हो सकता हैं…

पुरुषों का रीप्रोडक्टिव सिस्टम प्रभावित होने से वे इन्फर्टिलिटी का शिकार हो सकते हैं. वैसे तो इसके कई कारण हो सकते हैं, लेकिन वैज्ञानिकों के दृष्टिकोण से कोविड-19 (Covid-19) से भी पुरुषों में इन्फर्टिलिटी का खतरा बढ़ सकता है. इसमें एरक्टाइल डिस्फंक्शन, टेस्टोस्टेरॉन लेवल, स्पर्म मॉटिलिटी काउंट (damage sperm quality) और लिबिडो जैसे कुछ सामान्य कारक पुरुषों की फर्टिलिटी को प्रभावित कर सकते हैं.

एक नई स्टडी के मुताबिक, कोविड-19 पुरुषों के स्पर्म काउंट पर बुरा असर डालकर उनमें इन्फर्टिलिटी का खतरा पैदा कर सकता है. जर्नल रीप्रोडक्शन में प्रकाशित इस स्टडी के मुताबिक, कोरोना वायरस स्पर्म सेल्स डेथ, इन्फ्लेमेशन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस का कारण बन सकता है.

एक्सपर्ट कहते हैं कि शुक्राणुओं पर पड़ने वाला ये प्रभाव समय के साथ ठीक हो जाता है, लेकिन कोविड-19 के मरीजों में ये स्थिति असामान्य रूप से बनी रहती है. इसमें ये भी कहा गया है कि बीमारी की गंभीरता पुरुषों की स्पर्म हेल्थ में आए इस बदलाव का महत्वपूर्ण कारक होती है. यानी जितनी घातक बीमारी, उतना ही घातक प्रभाव.

इस स्टडी के लिए, कोविड-19 से संक्रमित 84 मरीजों का 10 दिन के अंतराल में 60 दिन के लिए डेटा लिया गया और 105 हेल्दी पुरुषों के डेटा से उसकी तुलना की गई. कोविड-19 से संक्रमित पुरुषों के शुक्राणुओं की कोशिकाओं में इन्फ्लेमेशन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस में बढ़ोतरी दर्ज की गई. इसमें एक कैमिकल इम्बैलेंस शरीर में प्रोटीन और डीएनए को प्रभावित करता है.

कुछ पुरानी स्टडीज में ऐसा दावा किया गया है कि कोविड-19 इंफेक्शन पुरुषों के प्रजनन अंगों को प्रभावित करता है. स्पर्म की कोशिकाओं के विकास रीप्रोडक्टिव हार्मोन में बाधा उत्पन्न करता है. पुरुषों के टेस्टिकल्स में वही रिसेप्टर्स देखे गए हैं, जिनका इस्तेमाल वायरस फेफड़ों के टिशू तक पहुंचने के लिए करता है. हालांकि, शोधकर्ता कहते हैं कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए अभी और रिसर्च की आवश्यकता है.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि पुरुषों में प्रजनन प्रणाली को कोविड-19 संक्रमण का एक संवेदनशील मार्ग माना जाना चाहिए और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा इसे हाई रिस्क ऑर्गेन के रूप में घोषित किया जाना चाहिए. हालांकि, अभी तक इसके साक्ष्य मौजूद नहीं है कि कोविड-19 लंबे समय तक पुरुषों की प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकता है.

एक स्टडी के मुताबिक, फिजिकल इनैक्टिविटी की वजह से पुरुषों की फर्टिलिटी और स्पर्म क्वालिटी पर बुरा असर पड़ता है. नियमित रूप से एक्सरसाइज पुरुषों में टेस्टोस्टेरॉन को बढ़ाकर इस समस्या से निजात दिला सकती है. इसके अलावा, मानसिक तनाव या स्ट्रेस लेने की वजह से भी पुरुषों की सेक्सुअल हेल्थ पर बुरा असर हो सकता है.

कैसे दुरुस्त करें फर्टिलिटी: एक्सपर्ट कहते हैं कि एक हेल्दी डाइट हमारे स्पर्म काउंट को मेंटेन कर सकती है. विटामिन-सी, विटामिन-डी और जिंक जैसे पोषक तत्वों से युक्त फूड स्पर्म काउंट बढ़ाने में मददगार होते हैं. इसलिए हमें अपनी डाइट में वो तमाम जरूरी चीजें शामिल करनी चाहिए, जो स्पर्म काउंट को बढ़ा सकती हैं.

एक स्टडी में पाया गया है कि अश्वगंधा भी पुरुषों में स्पर्म काउंट और टेस्टोस्टेरॉन लेवल को बढ़ा सकता है. इससे उनकी फर्टिलिटी भी बढ़ती है. इसके अलावा लाइफस्टाइल में कुछ जरूरी बदलाव करके भी फर्टिलिटी को बेहतर किया जा सकता है. पर्याप्त नींद ना लेना, एल्कोहॉल का सेवन, धूम्रपान भी टेस्टोस्टेरॉन लेवल को डैमेज कर सकते हैं. इसलिए इनमें सुधार किया जाना जरूरी है.

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