यूपी में बीजेपी मिशन 2022 की जोरदार तैयारी, इन 80 सीटों पर खास फोकस

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव बीजेपी ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है. बीजेपी के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह ने सह प्रभारियों के साथ पार्टी के पदाधिकारियों की बुधवार को महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें संगठन के कामों की समीक्षा करने के साथ 2022 के विधानसभा और पंचायत चुनाव को लेकर

बीजेपी का फोकस अब उन करीब 80 सीटों पर है, जहां मौजूदा समय बीजेपी के विधायक नहीं है या फिर फिर 2017 के चुनाव में तमाम कोशिशों के बाद भी नहीं जीत सकी थी. यह ऐसी सीटें हैं, जो यादव, जाटव और मुस्लिम बहुल मानी जाती हैं. यह सपा और बसपा का कोर वोटबैंक है. यही वजह है कि इन सीटों के लिए प्रदेश प्रभारी ने अलग-अलग विधानसभा के प्रभारियों के साथ बैठक कर कैसे इन सीटों को जीता जाए इस पर भी अपनी रणनीति तैयार की.

बीजेपी प्रवक्ता डॉ. चंद्रमोहन ने कहा कि मोदी-योगी सरकार की योजनाओं के दम पर बीजेपी 2022 में फिर प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आएगी. बुधवार की बैठक में तय हुआ है कि उन सीटों पर ध्यान देना है, जहां 2014, 2017 और 2019 में पार्टी को जीत नहीं मिली थी. प्रभारी इन सीटों पर जाकर अभी से वहां की स्थितियों और समीकरण के अनुसार रणनीति बनाएं. इसके लिए गुरुवार से यूपी के प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश संगठन महामंत्री अलग-अलग जिलों में प्रवास पर रहेंगे और वहां नए बनाए गए मंडल अध्यक्षों की वर्कशॉप की जाएगी.

विधानसभा चुनाव  2022 से पहले उत्तर प्रदेश में 2021 में पंचायत के चुनाव होने हैं. ऐसे में बीजेपी कोशिश है कि पंचायत चुनाव में भी ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतकर विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के पक्ष में माहौल बनाया जाए. इसीलिए प्रभारी राधा मोहन सिंह ने बैठक में साफ तौर पर कहा कि पार्टी के नेता और कोई भी पदाधिकारी 2021 के पंचायत चुनाव के लिए अपने परिवार के सदस्यों के लिए टिकट न मांगें बल्कि नए लोगों को चुनाव लड़ाएं ताकि पार्टी संगठन का विस्तार हो सके.

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के 25 से लेकर 28 दिसंबर तक यूपी में रहेंगे. यही वजह है कि बैठक में जेपी नड्डा के यूपी में चार दिन के दौरे को लेकर भी चर्चा हुई. नड्डा के लखनऊ प्रवास के दौरान ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पड़ रही है, जिसके लिए भव्य तरीके से कार्यक्रम करने की योजना है.

बनाई गई है. बीजेपी ने उन विधानसभा सीटों पर खास फोकस करने का प्लान बनाया है, जहां पिछले चुनाव में कमल खिलाने से पार्टी चूक गई थी.

 

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और संगठन महामंत्री सुनील बंसल की सहित पार्टी के 50 पदाधिकारियों के साथ राधा मोहन सिंह ने बुधवार बैठक की. बीजेपी प्रभारी ने तीन अलग-अलग चरणों में ये बैठक की. पहले पदाधिकारियों के साथ पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा हुई, फिर क्षेत्रीय अध्यक्षों के साथ प्रवास कार्यक्रम को लेकर बातचीत हुई. इसमें उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के सदस्यों को भी बुलाया गया था और आखिरी बैठक उन विधानसभा के प्रभारियों के साथ हुई जहां बीजेपी को जीत नहीं मिली थी .

प्रदेश प्रभारी श्री राधा मोहन सिंह ने उत्तर प्रदेश के संगठन की सुद्दढ़ता की प्रंशासा करते हुए कहा कि बाकी पार्टियां जब चुनाव आते है तब सक्रिय होते हैैं लेकिन बीजेपी अपने संगठन को हमेशा मजबूत कर सक्रिय रखते हुए सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाकर जनता से सीधा जुड़ाव रखती है. उन्होंने कहा चुनाव आते-जाते रहते है लेकिन भाजपा कार्यकर्ता संगठन की मजबूती और समाज की सेवा का कार्य निरंतर करते रहते हैं और 3 दिसंबर के  20 दिसंबर तक मण्डल प्रभारियों की कार्यशालाएं प्रदेश के 18 मंडलों पर की जाएंगी.

बीजेपी का फोकस अब उन करीब 80 सीटों पर है, जहां मौजूदा समय बीजेपी के विधायक नहीं है या फिर फिर 2017 के चुनाव में तमाम कोशिशों के बाद भी नहीं जीत सकी थी. यह ऐसी सीटें हैं, जो यादव, जाटव और मुस्लिम बहुल मानी जाती हैं. यह सपा और बसपा का कोर वोटबैंक है. यही वजह है कि इन सीटों के लिए प्रदेश प्रभारी ने अलग-अलग विधानसभा के प्रभारियों के साथ बैठक कर कैसे इन सीटों को जीता जाए इस पर भी अपनी रणनीति तैयार की.

बीजेपी प्रवक्ता डॉ. चंद्रमोहन ने कहा कि मोदी-योगी सरकार की योजनाओं के दम पर बीजेपी 2022 में फिर प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आएगी. बुधवार की बैठक में तय हुआ है कि उन सीटों पर ध्यान देना है, जहां 2014, 2017 और 2019 में पार्टी को जीत नहीं मिली थी. प्रभारी इन सीटों पर जाकर अभी से वहां की स्थितियों और समीकरण के अनुसार रणनीति बनाएं. इसके लिए गुरुवार से यूपी के प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश संगठन महामंत्री अलग-अलग जिलों में प्रवास पर रहेंगे और वहां नए बनाए गए मंडल अध्यक्षों की वर्कशॉप की जाएगी.

विधानसभा चुनाव  2022 से पहले उत्तर प्रदेश में 2021 में पंचायत के चुनाव होने हैं. ऐसे में बीजेपी कोशिश है कि पंचायत चुनाव में भी ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतकर विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के पक्ष में माहौल बनाया जाए. इसीलिए प्रभारी राधा मोहन सिंह ने बैठक में साफ तौर पर कहा कि पार्टी के नेता और कोई भी पदाधिकारी 2021 के पंचायत चुनाव के लिए अपने परिवार के सदस्यों के लिए टिकट न मांगें बल्कि नए लोगों को चुनाव लड़ाएं ताकि पार्टी संगठन का विस्तार हो सके.

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के 25 से लेकर 28 दिसंबर तक यूपी में रहेंगे. यही वजह है कि बैठक में जेपी नड्डा के यूपी में चार दिन के दौरे को लेकर भी चर्चा हुई. नड्डा के लखनऊ प्रवास के दौरान ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पड़ रही है, जिसके लिए भव्य तरीके से कार्यक्रम करने की योजना है.

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