SP-BSP Alliance : सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिया बीजेपी को मुंह तोड़ जवाब

लखनऊ। कल शनिवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने लखनऊ के ताज होटल में बसपा-सपा गठबंधन की मोहर लगा दी और सीटों का भी बटवार कर दिया जिसके बाद सभी राजनीति पार्टी अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे है। जिसके बाद आज रविवार को अखिलेश यादव ने भी कुछ को मुंह तोड़ जवाब दिया है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा कि हमारे गठबंधन के बाद बीजेपी का बूथ चकनाचूर हो गया है। अब बीजेपी के लोग सपा-बसपा में शामिल होना चाहते हैं। बता दें, शनिवार को सपा ने मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन का ऐलान किया था। दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी।

बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं. अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’. ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं. pic.twitter.com/z9EEB0io4G
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) January 13, 2019

अखिलेश यादव ने लिखा, ‘बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं। अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’। ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं।’
इससे पहले शनिवार को अखिलेश ने ट्वीट करके कहा था, ‘आज का दिन हमारे देश के लिए ऐतिहासिक है जब भाजपा से देश के संविधान व सौहार्द की रक्षा तथा दलितों, वंचितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों पर हो रहे उनके अन्याय व अत्याचार से लड़ने के लिए बसपा-सपा दोनों एक साथ आ गये हैं। ये एकजुटता भारतीय राजनीति को एक नयी दिशा देगी और निर्णायक साबित होगी।’
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अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं से कहा था कि गठबंधन का फैसला महत्वपूर्ण है। भाजपा देश के लिए खतरा है। हमें भाजपा की हर साजिश को नाकाम करना है और आपसी भाईचारे को मजबूत करना है। भाजपा ने नौजवानों के सपनों को तोड़ा है। किसानों को धोखा दिया है। सरकारी कुनीतियों के चलते व्यापार चैपट हुआ है। भाजपा राज में नफरत और अपराध में बढ़त हुई है। अब समय आ गया है जब जनता को अपना आक्रोश जताने का शीघ्र मौका मिलेगा। भाजपा को अब सत्ता से बाहर जाना ही होगा।
सूत्रों की मानें तो अभी बसपा-सपा गठबंधन में और भी पार्टी के सदय जोड़े जा सकते है। इस बार अखिलेश यादव और मायावती का पूरा ध्यान सिर्फ बीजेपी का उत्तर प्रदेश न केवल बल्कि केंद्र से भी सफाया करने का है।

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