तो इसलिए नहीं करनी चाहिए कुंवारी लड़कियों को शिवलिंग की पूजा

हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार भोलेनाथ की पूजा करने से जल्दी वर की प्राप्ति होती है। देवों के देव महादेव देवताओं में सबसे श्रेष्ठ देव माने जाते हैं लेकिन क्या आपको पता है कि शिवलिंग की पूजा करना व उसे छूना कुंवारी नारियों के लिए निषेध माना जाता है।

क्या है इसके पीछे की वजह:

लिंगम एक साथ योनि (जो देवी शक्ति का प्रतीक है व महिला की रचनात्मक ऊर्जा है) का प्रतिनिधित्व करता है और शास्त्रों के अनुसार शिवपुराण में लिखा है यह एक ज्योति का प्रतीक है।

अविवाहित स्त्री को शिवलिंग के करीब जाने की आज्ञा नहीं है और इसके चारों ओर भी अविवाहित स्त्री को नहीं घूमना चाहिए क्योंकि भगवान शिव बेहद गंभीर तपस्या में व्यस्त रहते हैं।

यह भी माना जाता है कि देवों के देव महादेव की तंद्रा भंग न हो जाए इस कारण से उनकी पूजा स्त्रियों को करने से मना किया जाता है।

अगर महिलाएं लगातार 16 सोमवार भगवान शिव का व्रत रखती हैं तो कुंवारी महिलाओं को अच्छा वर प्राप्त होता है वहीं विवाहित महिलाओं के पति नेक मार्ग पर चलते हैं।

News-Portal-Designing-Service-in-Lucknow-Allahabad-Kanpur-Ayodhya

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button