मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन हिंसा मामले में छह बड़े अधिकरी हुए सस्‍पेंड, होगी कार्रवाई

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पटना। बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित बालिका गृह यौन शोषण मामले की सीबीआइ जांच शुरू है। इस बीच बिहार सरकार भी कार्रवाई में लगी हुई है। ताजा मामला समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों पर राज्‍य के बालिका गृहों में अनियमितताओं की जानकारी के बावजूद कार्रवाई नहीं करने पर कार्रवाई का है।मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन हिंसा मामले में छह बड़े अधिकरी हुए सस्‍पेंड, होगी कार्रवाई

सरकार ने राज्‍य के छह छह जिलों के सहायक निदेशक, बाल संरक्षण इकाई (एडीसीपी) को निलंबित कर दिया है। उनपर टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज की ‘कोशिश’ टीम द्वारा किए गए सामाजिक अंकेक्षण संबंधी रिपोर्ट पर आदेश के बावजूद कार्रवाई नहीं करने का आरोप है। निलंबित अधिकारियों में मुजफ्फरपुर के एडीसीपी दिवेश कुमार शर्मा भी शामिल हैं। निलंबन का यह आदेश समाज कल्‍याण विभाग के निदेशक राजकुमार आदेश से जारी हुआ है।

ये अधिकारी किए गए निलंबित, लगाए ये आरोप

समाज कल्‍याण विभाग के आदेश के अनुसार मुजफ्फरपुर के एडीसीपी दिवेश कुमार शर्मा, मुंगेर की सीमा कुमारी, अररिया के घनश्याम रविदास, मधुबनी के कुमार सत्यकाम, भागलपुर की गीतांजलि प्रसाद एवं भोजपुर के तत्कालीन एडीसीसी आलोक रंजन को निलंबित कर दिया गया है।

निलंबन आदेश के अनुसार उनपर टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज, मुंबई की कोशिश टीम द्वारा किए गए सामाजिक अंकेक्षण रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप है। उक्‍त रिपोर्ट में लड़कियों की प्रताड़ना की जानकारी दर्ज है। इन अधिकारियों पर निरीक्षण रिपोर्ट में कभी भी बालिका गृहों की वस्तुस्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत नहीं कराने का भी आरोप है। जारी आदेश के अनुसार टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज, मुंबई की कोशिश टीम की रिपोर्ट पर कार्रवाई के लिए विभाग की 26 मई 2018 की राज्य स्तरीय बैठक में भी सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया था। इसके बाद भी उन्‍हाेंने लापरवाही बरती।

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