शिव को गुस्सा दिलाती हैं ये 3 चीज भूल से भी ना करें अर्पित, नही तो बनोगे महापाप के भागी

महाशिवरात्रि का पावन त्यौहार नजदीक आ रहा है भगवान शिव को भोले भंडारी भी कहा जाता है जो बहुत ही जल्द प्रसन्न होने वाले भगवान है उनकी पूजा में जो समग्री अर्पित की जाती है वो समग्री किसी दुसरे देवी देवतों को नही की जाती है लेकिन पूजा के दौरान हम कई बार भूल जाते है और छोटी छोटी गलतियां कर देते है जो शिव को अर्पित कई चीजों में ऐसी समग्री भी है जो उन्हें नही चढ़ाई जाती है लेकिन भूलवस हम उन्हें चढ़ा देते है तो आज हम आपको ऐसी ही कुछ समग्री के बारे में बताने जा रहे है जो शिव पूजा में वर्जित है तो आइए जानते है उन समग्री के बारे में…
हल्दी
हल्दी खान पान का स्वाद तो बढाती ही है साथ में धार्मिक कार्यों में भी हल्दी का महत्वपूर्ण स्थान माना गया है लेकिन शिवजी की पूजा में हल्दी नही चढ़ाई जाती है क्यूंकि शिवलिंग पुरुष तत्व का प्रतीक है इसलिए शिवलिंग की पूजा में हल्दी नही चढ़ाई जाती है.
केतकी का फूल
देवो के देव महादेव की पूजा में केतकी का फूल चढ़ाना वर्जित माना गया है कमल और कनेर के अलावा शिव जी को लाल रंग के फूल भी पसंद नही है इसलिए शिवजी की पूजा में कमल और कनेर के फूलों की पूजा करें.
कुमकुम या सिंदूर
कुमकुम या सिंदूर सौभाग्य का प्रतीक होता है स्त्रियां अपने सौभाग्य में वृद्धि के लिए सिंदूर का प्रयोग करती है इसके परे शिव को विनाशकर्ता माने जाते है इसलिए शिव को सिंदूर या कुमकुम चढ़ाना वर्जित माना गया है.
शंख
भगवान शिव की पूजा में शंख का प्रयोग नही किया जाता है इसके पीछे भी एक कथा है भगवान शिव ने एक शंखचूर नामक राक्षस वध किया था इसलिए भगवान शिव की पूजा में शंख का प्रियोग नही किया जाता है इससे अधिक जानकारी हम आपको इस विडियो के माध्यम से बताने जा रहे है जिससे जानना आपके लिए बेहद जरूरी है.





