राहुल के गढ़ में शाह का शक्ति प्रदर्शन, योगी और स्मृति भी रहेंगे साथ
लखनऊ.अमित शाह मंगलवार को एक दिन के दौरे पर कांग्रेस खास तौर पर राहुल के गढ़ माने जाने वाले अमेठी पहुंचेंगे। मंगलवार को बीजेपी का यहां बड़ा शो होगा। अमेठी के अलावा शाह सीतापुर और लखनऊ भी जाएंगे। बताया जा रहा है कि शाह लोकसभा चुनाव 2019 का आगाज अमेठी से ही करेंगे। इस शो में योगी आदित्यनाथ और स्मृति ईरानी भी शामिल होंगे। स्मृति पहले ही अमेठी पहुंच चुकी हैं। 

अमेठी में शाह के कई प्रोग्राम…
– बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, शाह अमेठी पहुंचकर एफएम रेडियो स्टेशन, आईटीआई और रेलवे से जुड़े कई प्रोजेक्ट की नींव रखेंगे।
– वे यहां हाल में बने मोडिफाइड डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल का लोकार्पण भी कर सकते हैं।
– इसके साथ ही वो एक शहीद के घर जाकर उनके परिवार से बात करेंगे।
– अमेठी में शाह का यह प्रोग्राम जितना जनता से जुड़ा हुआ है, उससे कहीं ज्यादा राजनीतिक नजरिए से अहम माना जा रहा है।
– इसकी सबसे बड़ी वजह है कि यह राहुल गांधी का संसदीय क्षेत्र है। 2014 उन्होंने यहां बीजेपी की स्मृति ईरानी को काफी कम अंतर से हराया था।
– वे यहां हाल में बने मोडिफाइड डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल का लोकार्पण भी कर सकते हैं।
– इसके साथ ही वो एक शहीद के घर जाकर उनके परिवार से बात करेंगे।
– अमेठी में शाह का यह प्रोग्राम जितना जनता से जुड़ा हुआ है, उससे कहीं ज्यादा राजनीतिक नजरिए से अहम माना जा रहा है।
– इसकी सबसे बड़ी वजह है कि यह राहुल गांधी का संसदीय क्षेत्र है। 2014 उन्होंने यहां बीजेपी की स्मृति ईरानी को काफी कम अंतर से हराया था।
अब गांधी परिवार मुक्त रायबरेली-अमेठी
– बीजेपी के कांग्रेस मुक्त भारत नारे में अमित शाह ने 2019 के लिए कुछ बदलाव किया है। अब वो रायबरेली और अमेठी से गांधी परिवार हटाओ नारे के साथ आगे बढ़ेगी। इसके तहत अमेठी और रायबरेली के लिए अलग से 120 विस्तारकों को भेजा जाना है।
– शाह की रणनीति के मुताबिक, गांधी परिवार के गढ़ माने जाने वाले रायबरेली और अमेठी से उन्हें हराने के बाद पूरे देश में एक मैसेज जाएगा, जिसके बाद कांग्रेस मुक्त भारत के प्लान में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
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इसके लिए क्या है तैयारी?
– 2019 में अमेठी से राहुल और रायबरेली से सोनिया को हराने के प्लान के तहत यहां हर हफ्ते केंद्रीय मंत्रियों के दौरे होंगे। विस्तारक कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे।
– इसके पीछे यह भी रणनीति है कि राहुल-सोनिया के गढ़ में केंद्रीय मंत्रियों और फायर ब्रांड नेताओं को भेजकर उन्हें अपने ही क्षेत्र में रहने को मजबूर कर दिया जाए। इससे वे देश के बाकी हिस्से पर ध्यान नहीं दे पाएंगे। इसका सीधा फायदा बीजेपी को मिलेगा।





