सीरियल किलर जयशंकर ने जेल में की खुदकुशी

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अपनी करतूतों से पूरे देश को झकझोर देने वाले सीरियल किलर और रेपिस्ट एम. जयशंकर ने जेल के अंदर खुदकुशी कर ली है. बंगलुरु के बाहरी इलाके में परप्पन अग्रहारा जेल में उसने शेविंग ब्लेड से अपना गला काट लिया. खून से लथपथ गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

तमिलनाडु और कर्नाटक में 15 हत्या और 30 रेप केस में दोषी जयशंकर पर साल 2017 में कन्नड़ फिल्म ‘साइको शंकर’ बन चुकी है. जेल में जान देने से पहले सीरियल किलर कई बार भागने की कोशिश कर चुका था. एक बार तो बांस और चादर के सहारे उसने जेल की चारदिवारी पार गया. साल 2013 में पुलिस ने उसे दोबारा गिरफ्तार किया.

जेल प्रशासन ने सीरियल किलर एम. जयशंकर की मौत के जांच के आदेश दिए हैं. जानकारी के मुताबिक, जेल में शेविंग करने आए नाई के बैग से जयशंकर ने ब्लेड निकाल लिया होगा. उसे शर्ट में छुपाकर वह अपने साथ ले गया होगा. हालांकि, किसी ने भी उसे अपना गला काटते हुए नहीं देखा है. ऐसे में उसकी मौत की वजह संदिग्ध लगती है.

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बताते चलें कि तमिलनाडु के सालेम के रहने वाले कुख्यात ‌किलर एम जयशंकर पर 30 से अधिक महिलाओं रेप और 15 हत्याओं का आरोप है. वह पेशे से ट्रक ड्राइवर था. साल 2011 में शादी हुई थी. उसकी तीन बेटियां हैं. उसने साल 2008 में अपराध की दुनिया में कदम रखा. जयशंकर हमेशा अपने साथ एक काला बैग रखता था. उसमें एक हथियार होता था.

बताया जाता है कि रेप करने के बाद वह अपने पास रखे हथियार से शिकार की हत्या कर देता था. उसका पहला अपराध 3 जुलाई 2009 को सामने आया, जब उसने 45 वर्षीय महिला के साथ रेप की कोशिश की और उसकी हत्या कर दी. अगस्त 2009 में उसने 12 महिलाओं के साथ रेप करके उनकी हत्या कर दी. वहीं छह अन्य महिलाओं के साथ भी रेप किया.

उसके निशाने पर अधिकांश वेश्याएं रहती थीं. आखिरी बार 6 सितंबर 2013 को पकड़े जाने से पहले पुलिस ने उसे दो बार गिरफ्तार किया, लेकिन वह जेल से भागने में सफल हो जाता था. दक्षिण भारत के तीन राज्य तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में उसकी ऐसी दहशत कायम थी कि लोग खौफ से कांप उठते थे. वह जेल में दस साल की सजा काट रहा था.

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