देखिये पी चिदंबरम की काली कमाई, 14 देशों में बैंक हैं खाते, 10000 करोड़ रूपये की बेनामी सम्पत्तियाँ

नई दिल्ली : अभी कुछ ही वक़्त पहले आयकर विभाग ने कोंग्रेसी नेता डीके शिवकुमार का अरबों का कालाधन पकड़ा गया था. आयकर विभाग को शिवकुमार की 300 करोड़ रुपये से ज्यादा की अघोषित आय का भी पता चला था. तब लगा था कि शिवकुमार कांग्रेस का सबसे भ्रष्ट नेता है, मगर अब जो जानकारी सामने आयी है, उसके मुताबिक़ एक अन्य वरिष्ठ कोंग्रेसी नेता ने कालेधन के मामले में शिवकुमार को भी पीछे छोड़ दिया है. इस नेता के पास इतना कालाधन और बेनामी सम्पत्तियाँ हैं कि आपकी आँखें फटी रह जाएंगी.
सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग तीनों लगे पीछे
इस महाभ्रष्टाचारी कोंग्रेसी नेता का नाम है पी चिदंबरम, जो पूर्व वित्तमंत्री व् गृहमंत्री तक रह चुका है. पी चिदंबरम और उसके भ्रष्टाचारी बेटे के खिलाफ सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग तीनों मिलकर जांच कर रहे हैं. मामला अदालत में है और नए-नए सबूत सामने आ रहे हैं.
अब तक सबको लगता था कि भ्रष्ट नेता स्विस बैंकों में अपना कालाधन छिपाते हैं, मगर जानकारी सामने आयी है कि चिदंबरम और उसके परिवार के भारत के अलावा 14 देशों में बैंक अकाउंट हैं. ये खबर आप डीडीभारती.इन पर पढ़ रहे हैं. बीजेपी के फायरब्रांड नेता डॉक्टर सुब्रमण्यम स्वामी ने इस सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत भी लिखा है.
14 देशों में बैंक खाते और 10 हजार करोड़ रूपये की बेनामी संपत्ति
आयकर विभाग और ईडी की छापेमारी में खुलासा हुआ है कि पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के इंग्लैंड के मेट्रो बैंक, सिंगापूर के ओसीबीसी बैंक समेत कई अन्य बैंकों में कुल 21 बैंक अकाउंट हैं. मगर भ्रष्ट मीडिया इससे जुडी सभी ख़बरों को लगातार दबाता आ रहा है.
बताया जा रहा है कि चिदंबरम के पास 100000000000 यानी 10 हजार करोड़ से भी ज्यादा की बेनामी संपत्ति है. डॉक्टर स्वामी ने तो पीएम मोदी से यहाँ तक आग्रह किया है कि सीबीआई व् ईडी की जांच के साथ-साथ फ़टाफ़ट चिदंबरम परिवार की 10 हजार करोड़ से ज्यादा की संपत्ति को जब्त किया जाए.
कालेधन से खरीदी जमीन-जायदाद
कार्ति की कंपनी पर आयकर विभाग की छापेमारी में मिली हार्ड डिस्क से मिले डाटा से पता चला है कि पी चिदंबरम, उसकी पत्नी नलिनी चिदंबरम, बेटा कार्ति और कार्ति की पत्नी श्रीनिधि ने मिलकर 2008 में यूके के कैंब्रिज में एक प्रॉपर्टी और एक बड़ा महल जैसा घर खरीदा है
जब्त किया गए दस्तावेजों के मुताबिक़ चिदंबरम और उसके परिवार द्वारा खरीदी गयी इस प्रॉपर्टी का पता है 5, Holben Close, Cambridge, CB237AQ. इस बड़े व् भव्य घर व् संपत्ति को खरीदने के लिए लंदन मेट्रो बैंक में कार्ति के लंदन के मेट्रो बैंक के अकाउंट नंबर 16714313 से पैसे दिए गए.
यहाँ बड़ा सवाल ये भी खड़ा हो रहा है कि आखिर चिदंबरम ने अपनी इस संपत्ति का खुलासा लोकसभा सीट के लिए एफिडेविट फ़ाइल करते वक़्त क्यों नहीं किया? क्या उसे पकडे जाने का डर सत्ता रहा था? सवाल ये भी है कि इतने सबूतों के बावजूद मीडिया इस खबर को दिखा क्यों नहीं रहा?
कांग्रेस के 10 साल के शासन में जमकर लूटा
एक अन्य खुलासे के मुताबिक़ रूस के नाजप्रोम बैंक ने कार्ति की कंपनी ‘Advantage Strategic Consulting Private Limited‘ के साथ समझौता किया था कि इंडियन ओवरसीज बैंक के साथ लेनदेन करने पर कार्ति की कंपनी को रूस के इस बैंक से पांच प्रतिशत कमीशन मिलेगा. ये भी भ्रष्टाचार का स्पष्ट मामला है और जब ये डील साइन हुई थी उस वक़्त चिदंबरम वित्त मंत्री थे.
मनमोहन सिंह चुपचाप देखते रहे और 10 सालों की कांग्रेस सरकार के दौरान चिदंबरम ने जमकर लूट की, दलाली खायी और वो सब किया जिससे कालाधन मिल सकता था. हालांकि मोदी सरकार के दौरान अब जब धीरे-धीरे क़ानून का फंदा गले में कस रहा है तो कोंग्रेसी इसे ‘बदले की राजनीति’ का नाम दे रहे हैं.





