वैज्ञानिकों ने की भविष्यवाणी: आने वाले कुछ माह में कोरोना से मिल सकती है राहत

वैज्ञानिकों ने भविष्यवाणी की है कि जुलाई तक कोरोना की दूसरी लहर थम सकती है. SUTRA (संवेदनशील, अनिर्धारित, परीक्षण (सकारात्मक) और हटाए गए दृष्टिकोण) मॉडल का उपयोग करते हुए वैज्ञानिकों ने आकलन किया है कि मई के अंत में प्रति दिन लगभग 1.5 लाख नए मामले आएंगे और जून के अंत में हर रोज 20,000 मामले सामने आएंगे।

पैनल के एक सदस्य और आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल ने कहा कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, केरल, सिक्किम, उत्तराखंड, गुजरात, हरियाणा के अलावा दिल्ली और गोवा जैसे राज्य में पीक आ चुका है। तमिलनाडु 29 से 31 मई और पुडुचेरी में 19-20 मई को पीक आ सकता है। वैज्ञानिकों ने कहा कि छह से आठ महीने में तीसरी लहर आने की उम्मीद है। आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल ने कहा कि इससे बहुत से लोग प्रभावित नहीं होंगे क्योंकि वे टीकाकरण की जद में आ चुके होंगे

ज्योतिषियों ने भी की भविष्यवाणी

बेंगलुरु स्थित सांई जगन्नाथ एस्ट्रोलॉजी सेंटर के संस्थापक पंडित जगन्नाथ के अनुसार, देश में कोरोना का कहर अगस्त 2021 तक जारी रहेगा, लेकिन सितंबर से इसके प्रभाव में कमी आएगी। पंडित जगन्नाथ का कहना है कि बहुत संभव है कि नवंबर के आस-पास कोरोना का नया वेरिएंट अमेरिका में अपना व्यापक प्रभाव दिखाए, हालांकि इसका भारत पर असर नहीं के बराबर होगा। वह कहते हैं वर्ष 2025 के बाद देश में कोरोना का प्रभाव ढलान पर होगा। अगस्त 2020 में पंडित जगन्नाथ ने कहा था कि अगस्त-अक्टूबर 2020 तक कोरोना का पीक रहेगा। 

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