नई दिल्ली.स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने इस मामले पर केंद्र और राज्यों को नोटिस भेजकर 3 हफ्तों में जवाब मांगा। ये अपील कई महिला वकीलों ने दायर की है। इसमें कहा गया है कि स्कूलों में सुरक्षा को लेकर गाइडलाइंस तो हैं, लेकिन उन्हें कोई फॉलो नहीं करता। बुधवार को सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (CBSE) ने बच्चों की सिक्युरिटी के मद्देनजर स्कूलों के लिए गाइडलाइंस जारी की थी। बता दें कि गुड़गांव के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में हुई 7 साल के बच्चे की हत्या के बाद स्कूलों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
स्कूल में बाहरी लोगों की एंट्री बैन हो…
– सर्कुलर में कहा गया है कि सभी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरा, स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन करवाया जाए और स्कूल में बाहरी लोगों की एंट्री पर कंट्रोल किया जाए।
– गुड़गांव मर्डर के बाद दिल्ली के एक स्कूल में 5 साल की बच्ची के साथ रेप का मामला सामने आया था। इसमें आरोपी स्कूल का प्यून था।
क्या है पिटीशन में?
– वकील आभा शर्मा और अन्य महिला वकीलों की पिटीशन में कहा गया है कि रेयान की घटना के बाद से देशभर के पेरेंट्स में डर का माहौल है।
– “बच्चों की सुरक्षा के लिए जो पॉलिसी तैयार की गई है, ज्यादातर स्कूल उसका पालन नहीं करते।”
– “लिहाजा सुप्रीम कोर्ट आदेश जारी करे कि पॉलिसीज सही तरह से पालन हो। इसके अलावा देशभर में बच्चों की सुरक्षा के लिए एडिशनल गाइडलाइंस बनाई जाए।
– पिटीशन में यह भी कहा गया है कि पहले से जो दिशा-निर्देश बनाए गए हैं, अगर कोई स्कूल उनका पालन नहीं करता तो उनका लाइसेंस रद्द किया जाना चाहिए।