सरकार व नेता के खिलाफ बोलना देशद्रोह है कि नहीं:सुप्रीम कोर्ट करेगा तय

नई दिल्ली। पिछले दिनों देशभर में देशद्रोह के आरोपों को लेकर व्यापक बहस चली जहां ये मुद्दा मुख्य रूप से उठा कि किन मामलों में आरोपी पर देशद्रोह का आरोप लयाया जा सकता है और किन पर नहीं।
ताजा मामला मध्य प्रदेश के एक स्थानीय नेता का है जिसपर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ फेसबुक पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में देशद्रोह का मुकद्दमा लगाया गया है। अब सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर सुनवाई कर ये तय करेगा कि क्या ये मामला देशद्रोह के अंतर्गत आता है या नहीं।
जस्टिस जे एस खेहर और जस्टिस सी नागाप्पन की बेंच ने मध्य प्रदेश के शिवपुरी से पूर्व निगम निगम अध्यक्ष जगमोहन सिंह की याचिका को स्वीकार कर लिया है जिसमें उन्होंने सूखाग्रस्त जिले में पानी ना पहुंचा पाने को लेकर मुख्यमंत्री के खिलाफ फेसबुक पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी लिखी थी, जिसके बाद पुलिस ने एक भाजपा नेता की शिकायत पर उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दायर कर दिया।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक इस दौरान कोर्ट देशद्रोह के आरोपों को ज्यादा व्यापक तरीके से सामने लाने की दलील पर भी सुनवाई करेगी।





