ऐसे मनाएं दुष्प्रभाव रहित होली, लाल, पीली, हरी, केसरिया सूखी हो या गीली

लखनऊ. होली के त्यौहार की मस्ती ही अलग होती है. बच्चे हों या बूढ़े होली में मस्ती सभी को आती है. लेकिन आज व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा के चलते मिलावट हर चीज में होती है. फिर आखिर होली के रंग इससे कैसे अछूते रह सकते हैं. ये रंग शरीर की ऊपरी त्वचा से लेकर शरीर के अंदरूनी हिस्सों को खासा नुकसान पहुंचा सकते हैं, ऐसे में इस डर से होली मनाने की इच्छा को दबाने की जरूरत नहीं है. आयुर्वेद विशेषग्य की सलाह से हम आपको बता रहे हैं कि सेफ होली किस तरह मना सकते हैं. लोग रंगों के दुष्प्रभाव को लेकर बहुत चिंतित रहते हैं। बाजार में मिलने वाले ज्यादातर रंगों में तरह-तरह के जहरीले पदार्थ मिले रहते हैं ऐसे में रंगों को अगर घर में ही तैयार कर लिया जाये तो यह स्वास्थ्य वर्धक होगा क्योंकि इसे बनाने में किसी तरह का केमिकल नहीं इस्तेमाल किया गया है।

वरिष्ठ आयुर्वेद विशेषग्य डॉ. देवेश श्रीवास्तव ने होली के इन हर्बल रंगों को बनाने का तरीका बताया। डॉ देवेश का कहना है कि इन हर्बल रंगों को अपने इस्तेमाल के लिए और बिक्री के लिए भी तैयार किया जा सकता है।

गीले रंग तैयार कैसे करें

उन्होंने बताया कि गुलाबी रंग बनाने के लिए चुकंदर कद्दूकस करके मिक्सी में पीसें फिर छान-निचोड़ कर रख लें प्राकृतिक रंग तैयार है। पीला रंग बनाने के लिए पिसी हल्दी, गेंदे के फूल की पत्ती भिगो दें फिर बाद में उसे मसल कर रख लें, रंग तैयार है। इसी प्रकार केसरिया रंग बनाने के लिए टेसू के फूल रात को गर्म पानी में भिगो दें, फिर सुबह मसल छान लें, प्राकृतिक रंग तैयार है। इसी प्रकार हरा रंग बनाने के लिए पालक/नीम की पत्ती को पीस छान लें। काला रंग बनाने के लिए आंवला चूर्ण लोहे की कढ़ाई में थोड़ा पानी डाल कर पेस्ट बना कर पूरी कढ़ाई में फैला कर रात भर रखें, प्रात: पानी मिला कर छान लें। इसी प्रकार लाल रंग बनाने के लिए गुड़हल के फूल को पीस कर छान कर रख लें, बस आपका प्राकृतिक रंग तैयार है। इन रंगों को पिचकारी में भर भी खेला जा सकता है तथा इससे त्वचा को कोई नुकसान नहीं होगा।

घर पर हर्बल गुलाल भी बनाइये

डॉ देवेश ने बताया कि अब आपको सूखा गुलाल चाहिए तो जो गीला रंग बनाया है, उसको छानकर उसमें बाजार में उपलब्ध कॉर्नफ्लोर  को धीरे धीरे मिलकर आटा जैसा बना कर फिर इसको पॉलीथीन पर फैला कर सुखा कर मिक्सी में पीस कर रख लीजिये,अब इसमें बाजार से गुलाब, केवड़ा आदि इत्र की महक डालिये आपका बढिय़ा महक वाला हर्बल गुलाल तैयार है। उन्होंने बताया कि इसी तरह से आप बाजार से खाने वाले कई रंग लाकर, कोई एक रंग लें और उसमें कॉर्न फ्लोर में मिला कर फिर आटा जैसा गूंध कर इत्र मिला कर पॉलीथीन पर फैलाकर सुखा कर मिक्सी से पीस कर रख लें, बढिय़ा महक वाला गुलाल तैयार है। इस गुलाल से लोगों को कोई साइड इफेक्ट नहीं पड़ेगा त्वचा खऱाब नहीं होगी मन प्रफुल्लित रहेगा।

इस तरह करिये रंगों से शरीर का बचाव

डॉ देवेश ने बताया कि आपको दूसरे लोगों से नुकसान न पहुंचे, इसके लिए उपाय है कि आपको प्रात: उठते ही अपने पूरे बालों व शरीर के एक-एक अंग में में सरसों का तेल लगा लें कान व नाक में 3-4 बूंद तेल अवश्य डाल लें और घर के सब सदस्य पहले ही घर का बनाया गुलाल एक-दूसरे के चेहरे-बालों पर लगा लें अब आपका शरीर होली के लिए तैयार है।

रंग छुड़ाने के लिए भी हैं नुस्खे

डॉ देवेश ने बताया कि आपने होली खेल ली, अब आपको रंग छुड़ाने की मशक्कत करनी पड़ेगी कैसे अपने शरीर के रंगों को छुड़ायें उसके लिए आसान तरीके हैं। उन्होंने बताया कि बेसन/आटा, हल्दी, सरसों का तेल मिला कर पेस्ट बना कर शरीर में लगे रंगों वा मैल को आसानी से छुड़ा सकते हैं, यह बहुत ही अच्छा उबटन है। इसके अलावा केले में शहद मिला कर पेस्ट शरीर में लगाकर रंग छुड़ायें। बाद में एलोवेरा का गूदा पूरे शरीर में लगायें। उन्होंने बताया कि इसके बाद अगर शरीर में रूखापन रहता है तो तिल का तेल/बादाम का तेल/सरसों का तेल या कोई भी तेल लगा कर ख़ुश्की दूर कर सकते हैं।

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