RSS सहित 19 संगठनो के बारे में खुफिया जांच पर नाराज हुए CM नीतीश DGP को कहा- कार्रवाई कीजिए

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ RSS और उसके 18 सहयोगी संगठनों के बिहार के पदाधिकारियों के बारे में स्पेशल ब्रांच द्वारा पूरी जानकारी मंगाने के मसले पर बुधवार को राजनीतिक बवाल मचा रहा। उसके बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और  डीजीपी, गृह सचिव, एडीजी (सीआईडी) को तलब किया है।

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सीएम ने कहा-मामले की जांच कर कार्रवाई करें

मुख्यमंत्री ने अफसरों से इस बारे में पूरी जानकारी ली और उन्हें मामले पर समुचित कार्रवाई करने को कहा। उधर, भाजपा और आरएसएस नेता इस मामले को लेकर खासा नाराज हैं और उन्होंने इसपर अपनी ही सरकार यानि नीतीश सरकार से जवाब मांग है। साथ ही इन नेताओं ने इस प्रकरण के जिम्मेदार पदाधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की बात भी कही।

वहीं बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के दौरान विधानपरिषद में भी यह मामला उठा और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि ‘इस शरारत के दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा।’

गृह विभाग ने एडीजी से मांगा स्पष्टीकरण

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) पर विशेष शाखा द्वारा जांच करवाने की बात पर बिहार के गृह विभाग ने ADG विशेष शाखा से स्पष्टीकरण मांगा है कि सरकार की जानकारी के बगैर पत्र कैसे निर्गत हुआ? इससे पहले एडीजी हेडक्वार्टर जीएस गंगवार ने मीडिया के सामने पुलिस का पक्ष रखा।

एडीजी ने कहा-जांच की जा रही, कार्रवाई की जाएगी

उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस विभाग, पुलिस मुख्यालय या सरकार को कोई जानकारी नहीं है। पत्र की जांच की जा रही है और इस मामले में जांच के बाद संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। एडीजी ने कहा कि यह पत्र पुलिस अधीक्षक की तरफ से जारी हुआ है और जिन्होंने पत्र जारी किया वो अधिकारी अभी पुलिस अकेडमी में ट्रेनिंग में हैं। उनका भी पक्ष लिया जाएगा। हालांकि गंगवार ने यह भी कहा कि आरएसएस नेताओं पर खतरा था, इस वजह से डिटेल लिया जा रहा था।

गंगवार बोले- पता नहीं कॉपी कहां-कहां गई 

एडीजी (स्पेशल ब्रांच) जेएस गंगवार ने कहा-एसपी ने फाइल में कोई इनपुट नहीं दिया कि ये कॉपी कहां-कहां गई? वह अभी ट्रेनिंग में हैं। अभी नाम बताना उचित नहीं है। स्पेशल ब्रांच को तरह-तरह का इनपुट मिलते रहता है। इसके आधार पर काम होता है।

28 मई को जारी किया गया था लेटर

बता दें कि विगत 28 मई को एसपी (जी.) का यह पत्र सभी क्षेत्रीय डीएसपी, जिला विशेष शाखा पदाधिकारी को गया। उनसे इन संगठनों के सभी पदधारकों व उनके व्यवसाय को ले स्पष्ट प्रतिवेदन हफ्ते भर में मांगा गया। पत्र की प्रति स्पेशल ब्रांच के एडीजी, आईजी, डीआईजी के लिए भी है।

विपक्ष ने कसा तंज 

भाजपाई जब अपनी ही सरकार पर भड़के, तो कांग्रेस-राजद खुश हुए। उन्होंने जदयू-भाजपा के रिश्ते पर सवाल उठाया। भाजपाई, स्पेशल ब्रांच द्वारा आरएसएस व उसके 18 सहयोगी संगठनों के बिहार के पदधारकों की जानकारी मंगाने के मुद्दे पर अपनी सरकार से जवाब मांग रहे हैं। इस पर बुधवार को दिनभर राजनीति चली।

राबड़ी ने कहा- अब जांच कराकर क्या होगा 

पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा-‘जदयू तो बिहार में आरएसएस का जड़ जमा दिया। अब जांच करा कर क्या करेंगे? भाजपा वाले जदयू के इस व्यवहार पर क्या कहेंगे? सीएम के पास जांच कराने अधिकार है।’

कांग्रेस ने जांच को बताया जरूरी 

कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता सदानंद सिंह ने कहा-आखिर आरएसएस व भाजपा इस मुद्दे पर हाय तौबा क्यों मचा रही है? उसे तो सरकार की मदद करनी चाहिए। प्रदेश कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष कौक कादरी ने कहा-यह सरकार का स्वागतयोग्य कदम है।

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