आरपीएफ ने 725 बच्चों और महिलाओं को बचाया व 10 मानव तस्करों को किया गिरफ्तार…

 पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने पिछले वर्ष अप्रैल से दिसंबर के बीच 725 बच्चों और महिलाओं को बचाया है। इस बारे में जानकारी देते हुए वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस अवधि के दौरान आरपीएफ ने 10 मानव तस्करों को भी गिरफ्तार किया है।

रेलवे सुरक्षा बल ने बच्चे-महिलाएं को बचाए

एनएफआर के मुख्य प्रवक्ता सब्यसाची डे ने कहा कि अप्रैल से दिसंबर 2022 की अवधि के दौरान पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के रेलवे पुलिस बल ने 686 नाबालिग बच्चों और 39 महिलाओं को बचाया। इसके अलावा 10 मानव तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया। बचाए गए पीड़ितों को उनकी सुरक्षित अभिरक्षा और आगे की कार्रवाई के लिए कानूनी प्रावधानों के अनुसार चाइल्डलाइन, गैर सरकारी संगठनों और रेलवे पुलिस या माता-पिता को सौंप दिया गया।

अलग-अलग स्टेशनों से चार नाबालिगों को बचाया

उन्होंने कहा कि शुक्रवार को आरपीएफ ने अलग-अलग स्टेशनों से कार्रवाइयों में चार नाबालिगों को मुक्त करवाया। गुवाहाटी में आरपीएफ और अपराध इंटेलिजेंस शाखा की टीम ने सामान्य संयुक्त जांच के दौरान कामाख्या रेलवे स्टेशन से घर से भागी लड़की को बचाया। उसे रेलवे बाद में चाइल्डलाइन, गुवाहाटी को सौंप दिया गया। एक अन्य मामले में, आरपीएफ ने लुमडिंग रेलवे स्टेशन में सामान्य जांच के दौरान घर से भागी एक अन्य लड़की और दो लड़कों को बचाया। आरपीएफ ने पहचान के बाद उनके माता-पिता को इसकी जानकारी दी गई। बचाए गए नाबालिगों को उचित सत्यापन के बाद उनके माता-पिता को सौंप दिया गया।

सुरक्षा के प्रति जागरूक करती ‘मेरी सहेली’

रेलवे की मानव-तस्करी रोधी पहलों के अंतर्गत एनएफआर ने ‘मेरी सहेली’ की शुरुआत की है। ‘मेरी सहेली’ पहल के तहत महिला सिपाही और इंस्पेक्टर महिला यात्रियों और बच्चों को सुरक्षा सावधानियों और 139 हेल्पलाइन नंबर से अवगत करवाती हैं। इससे महिलाओं और बच्चों दोनों को सुरक्षा संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई।

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