Rose Day 2019: गुलाब के हर रंग के पीछे होता है ये खास मतलब, देने से पहले जान लें ये दिलचस्प तथ्य

अक्सर लड़के-लड़कियां एक दूसरे को प्रपोज करने के लिए गुलाब के फूल का सहारा लेते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि गुलाब के फूल को सिर्फ प्यार का प्रतीक ही नहीं फूलों का राजा भी कहा जाता है। लाल, पीले, गुलाबी, सफेद और न जाने कितने ही रंगों में खिलने वाला यह फूल एक खास चीज लिए भी पसंद किया जाता है। आपको बता दें, अलग-अलग रंगों के गुलाब का मतलब भी अलग होता है। आइए जानते हैं गुलाब का कौन सा रंग क्या कहता है।
दुनिया भर के दिग्गज रहे गुलाब के कायल
सीरिया की शाहजादी पीले गुलाब से प्रेम करती थी। मुगल बेगम नूरजहां को लाल गुलाब सबसे अधिक प्रिय था। कहते हैं कि नूरजहां के दिल को खुश करने के लिए उनके शौहर रोज टनों के हिसाब से ताजे गुलाब उनके महल भिजवाया करते थे। यही नहीं गुलाब के इत्र का आविष्कार नूरजहां ने किया था।
दूसरी खास बात ये कि भारत के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू भी गुलाब के दीवाने थे, तभी तो उनकी अचकन में हमेशा गुलाब का फूल लगा रहता था। यूरोप के दो देशों का राष्ट्रीय पुष्प भी सफेद गुलाब और लाल गुलाब है।
सफेद गुलाब –
सफेद गुलाब शुद्धता, मासूमियत और बिना शर्त प्यार का प्रतीक होता है।
पीला गुलाब –
पीला गुलाब दोस्ती और खुशी का इजहार करता है।
गुलाबी गुलाब –
गुलाबी गुलाब कोमलता, दोस्ती, नम्रता, कृतज्ञता के साथ ही एक नए रिश्ते की शुरुआत का भी प्रतीक है।
नारंगी गुलाब –
मोह व उत्साह को दर्शाता है।
लाल गुलाब – सच्चे प्यार का प्रतीक है लाल गुलाब।





