UP: रोडवेज संविदा कर्मियों ने 13 OCT को रात 12 बजे से चक्का जाम का ऐलान, ये है मांग
लखनऊ.यूपी रोडवेज के संविदा कर्मचारियों ने 13 अक्टूबर को रात 12 बजे से चक्का जाम करने का एलान किया है। उन्होंने सभी संविदा कर्मचारियों से बसे न चलाने की अपील की है। उनका कहना है, ”अगर निगम जबरन बसें चलवाने की कोशिश करेगा तो संविदा कर्मचारी सड़कों पर उतरकर बसों को चलने से रोकेंगे। जब तक मांगे पूरी नहीं होती हैं, तब तक सड़कों पर निगम की बसें नहीं चलने दी जाएंगी।” प्रोटेस्ट के चलते परिवहन निगम ने पुलिस जिला प्रशासन को अवगत करा दिया है। साथ ही बस अड्डों पर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया है।

आगे पढ़िए पूरा मामला…
– संविदा चालक परिचालक संघर्ष समिति के रीजनल प्रेसिडेंट कौशलेंद्र सिंह के मुताबिक, परिवहन निगम के तहत यूपी में कुल 24 हजार संविदा कर्मचारी कार्यरत है। इसमें 10 हजार ड्राइवर और 14 हजार कंडक्टर शामिल है।
– साल 2014 से संविदा कर्मचारी न्यूनतम वेतनमान 17 हजार रु. देने की मांग को लेकर प्रोटेस्ट कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उनपर कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
– साल 2016-17 में इनकी मागों को ध्यान में रखते हुए अखिलेश यादव ने उन्हें 17 हजार रु. न्यूतनम वेतनमान देने का आदेश जारी किया था।
– इसी दौरान बीजेपी की सरकार बनने के बाद इसपर रोक लगा दी। साथ ही 22 दिन 5 हजार किमी. चलने पर प्रति किमी. 1.26 पैसा देने का आदेश जारी कर दिया।
– इस हिसाब से एक संविदा कर्मचारी को महीने के 22 दिन काम करने के बाद बड़ी मुश्किल से 8 से 9 हजार रु. ही मिल पाते हैं।
ये है प्रमुख मांगे
– संविदा कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान 17 हजार रु.।
– भविष्य में होने वाली भर्तियों में संविदा कर्मचारियों को वरीयता दी जाए।
– हर साल वेतन में बढ़ोतरी की जाए।
– नियमित कर्मचारियों के समान संविदा कर्मचारियों को भी सुविधाएं प्रदान की जाए।
– संविदा कर्मचारियों के लिए सेवा नियमावली बनाई जाए।
क्या कहना है परिवहन निगम का?
– परिवहन निगम के पीआरओ अनवर अंजार के मुताबिक, ”संविदा कर्मचारियों से बातचीत जारी है। जल्द ही इस मसले का कोई हल निकाला जाएगा। बस अड्डों पर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने के लिए पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन को इन्फार्म कर दिया गया है।”
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स्ट्राइक पर 6 महीने की परिवहन विभाग ने लगाई थी रोक
– बता दें, 26 सिंतबर 2017 को यूपी परिवहन विभाग की प्रमुख सचिव अराधना शुक्ला ने लोकहित में राज्य सड़क परिवहन निगम के अधीन समस्त सेवाओं में तत्काल प्रभाव से स्ट्राइक पर 6 महीने के लिए रोक लगा दी थी। साथ ही हड़ताल करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ एस्मा के तहत कड़ी कार्रवाई की बात भी कही थी। स्ट्राइक पर यह प्रतिबंध यूपी अत्यावश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम के तहत लगाया गया है।





