नेपाली पीएम केपी ओली ने भारत को दिया संदेश- आप भरोसा पैदा करें तो दोस्ती बढ़ेगी

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली ने सत्ता में आने के बाद अपने पहले भारत दौरे पर आकर पड़ोसी देश को एक नसीहत दी है. ओली ने कहा है कि भारत को सबसे पहले दोनों देशों के बीच भरोसा मजबूत करने की कोशिश करनी चाहिए. ओली की यह भारत यात्रा काफी अहम मानी जा रही है. उन्होंने पिछले दिनों दोनों देशों की दोस्ती में आई कड़वाहट को पीछे छोड़ते हुए इस यात्रा का फैसला लिया. भारी बहुमत से नेपाल की सत्ता में आने वाले ओली ने कहा है कि भारत को दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ाने के साथ ही एक संप्रभु देश के फैसलों का सम्मान करना चाहिए.नेपाली पीएम केपी ओली ने भारत को दिया संदेश

नेपाल के पीएम ने कहा है कि दोनों पड़ोसी देश साझे आर्थिक लक्ष्यों को हासिल कर सकते हैं और अपने संबंधों को ऐतिहासिक स्तर पर लेकर जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि नेपाल अपने सभी पड़ोसियों के साथ मिलकर काम करना चाहता है. भारत पिछले कुछ समय से नेपाल और चीन की बढ़ती नजदीकी पर नजर रखे हुए है. इस पर नेपाल के पीएम ने कहा है कि उनके दो पड़ोसी देश हैं और उन्हें दोनों देशों के साथ दोस्ताना संबंध रखने हैं.

मेल टुडे से खास बातचीत में ओली ने कहा कि उनके देश की चीन के साथ नजदीकी बढ़ने को लेकर काफी भ्रम है. उन्होंने कहा कि अक्सर ऐसा कहा जाता है कि नेपाल की अपने इस पड़ोसी के साथ नजदीकी बढ़ रही है और वह उस पड़ोसी से दूर हो रहा है. ओली ने आगे कहा, ‘मैं साफ कर दूं कि हमारे पड़ोस में दो बड़े देश हैं और मैं कहता आया हूं कि हमें दोनों देशों से दोस्ती रखनी है. हमारी विदेश नीति ही दोस्ती से शुरू होती है, हमारी पड़ोस नीति का भी यही सिद्धांत है.’

आपको बता दें कि नेपाल के पीएम के भारत दौरे का मकसद भारतीय निवेश तलाशना और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करना है. ओली ने दोनों देशों के बीच व्यापार असंतुलन का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि नेपाल को इससे नुकसान उठाना पड़ रहा है. उन्होंने कहा, ‘नेपाल और भारत के बीच व्यापार में बड़ा असंतुलन है. नेपाल के आर्थिक विकास और दोनों देशों के मिलकर आगे बढ़ने के लिए इसे जल्द से जल्द सुलझाना जरूरी है.’

दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच शुक्रवार को मुलाकात हुई थी. शनिवार को दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई थी. इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश, कृषि, ऊर्जा, कनेक्टिविटी और लोगों के आपस में मिलने-जुलने समेत सभी अहम क्षेत्रों में संबंध मजबूत करने पर जोर दिया गया.

दोनों देशों के नेताओं ने इसके बाद मीडिया को भी संबोधित किया. भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘हमारा मकसद है सबका साथ, सबका विकास और ओली जी का मकसद है समृद्ध नेपाल, सुखी नेपाल. हम दोनों देश अपने नागरिकों के भले के लिए काम कर रहे हैं.’

दोनों देशों के पीएम ने नेपाल के बीरगंज के इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट का भी उद्घाटन किया और उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच व्यापार और लोगों का आवागमन भी बढ़ेगा. हालांकि, इस दौरान यह भी सवाल उठा कि अरुण-3 हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट का उद्घाटन क्यों नहीं किया गया.

नेपाल के पीएम ओली ने भारतीय पीएम मोदी को अपने देश में आने का निमंत्रण भी दिया है. भारतीय विदेश सचिव ने उम्मीद जताई कि भारतीय पीएम इसी साल नेपाल का दौरा करेंगे. नेपाली पीएम दूसरी बार इस पद पर आसीन हुए हैं, लेकिन यह उनका पहला भारतीय दौरा है. रविवार को उनका उत्तराखंड में स्थित गोविंद बल्ल्भ पंत कृषि और तकनीक विश्वविद्यालय जाने का कार्यक्रम है.

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