कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन को लेकर राहत भरी खबर, भारत की कोविशील्ड ने दी मात…

कोरोना महामारी के खिलाफ ब्रिटेन आम लोगों के लिए आधिकारिक तौर पर टीकाकरण शुरू करने वाले पहले राष्ट्रों में से एक था. हालांकि कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन ने वहां टीके की खुशी को गायब कर दिया था. कोरोना का नया स्ट्रेन  B.1.1.7 पूरे देश में कहर बरपा रहा था लेकिन अब इसे लेकर एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. दावा किया गया है कि भारत में बनी कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड में नए स्ट्रेन से भी लड़ने की पूरी ताकत है.

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका ने खुलासा किया है कि भारत के सीरम इंस्टीट्यूट में बनी कोविशील्ड वैक्सीन नए वेरिएंट के खिलाफ ज्यादा प्रभावी है. ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के मुताबिक कोविशील्ड वैक्सीन वायरस के मूल रूप SARS CoV-2 के ब्रिटिश संस्करण के खिलाफ सुरक्षा का समान स्तर प्रदान करता है.

ऑक्सफोर्ड वैक्सीन परीक्षण के मुख्य वैज्ञानिक प्रोफेसर एंड्रयू पोलार्ड ने एक बयान में कहा, “यूनाइटेड किंगडम में ChAdOx1 वैक्सीन के हमारे परीक्षणों के डेटा से संकेत मिलता है कि वैक्सीन न केवल कोरोना महामारी के मूल वायरस से बचाता है, बल्कि नए स्ट्रेन के खिलाफ भी सुरक्षा प्रदान करता है. ब्रिटेन में कोरोना का नया संस्करण B.1.1.7 पूरे ब्रिटेन में साल 2020 के अंत में संक्रमण का बड़ा कारण बन गया था.

वैज्ञानिकों ने शोध के बाद जो निष्कर्ष निकाला है उसकी अभी समीक्षा की जानी है. हालांकि शोध में विस्तृत विश्लेषण दिखाते हैं कि वैक्सीन की एक खुराक संक्रमण और उससे पीड़ित रहने की अवधि को छोटा कर सकती है जिसके परिणामस्वरूप रोग का संचरण कम हो सकता है.

शोधकर्ताओं ने यह भी कहा है कि वे वर्तमान में दक्षिण अफ्रीका और ब्राज़ीलियन वेरिएंट के खिलाफ वैक्सीन की प्रभावशीलता को देखने के लिए विश्लेषण कर रहे हैं जो खतरनाक E484K स्ट्रेन है. इस बात की जांच भी की जा रही है कि इस नए स्ट्रेन में B.1.1.7 से क्या अलग मौजूद है.

Ujjawal Prabhat Android App Download Link
News-Portal-Designing-Service-in-Lucknow-Allahabad-Kanpur-Ayodhya

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button