आरबीआई ने केवाईसी (know your customer) गाइडलाइंस में परिवर्तन किया है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने शुक्रवार को बैंकों और वित्त कंपनियों द्वारा ग्राहक से वित्तीय व्यवहार में आधार को प्रमुखता दी है. आरबीआई ने अन्य ऑफिशियली वैध दस्तावेजों के प्रयोग से संबंधित उन सेक्शन्स में सुधार किए हैं, जिनके नियमों के तहत बैंक कस्टमर के पते और उसकी पहचान के लिए प्रूफ के तौर पर उपयोग करते हैं. आरबीआई ने कहा है कि नए मानदंड आधार पर सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले के तहत तय किए गए हैं.

सर्कुलर में लेन-देन में सावधानी रखने के लिए आरबीआई से विनियमित संस्थानों को ग्राहकों से आधार नंबर, पैन या इनकम टैक्स नियमों के तहत परिभाषित फार्म नं. 60 लेना होगा. ये नियम आधार के लिए योग्य सभी नागरिकों पर लागू है.

अब आसान नहीं होगा रिश्तेदार का पता देना

नए मानदंडों में पहले का एक सेक्शन शामिल नहीं है, जो राज्य सरकार या राजपत्र अधिसूचना द्वारा जारी किए गए विवाह प्रमाण पत्र की एक प्रति को अनुमति देता है. ये व्यक्ति के मौजूदा नाम में ‘आधिकारिक रूप से मान्य दस्तावेज़’ की प्रमाणित प्रति के साथ नाम में परिवर्तन का संकेत देता है और पते और पहचान का सबूत है. इसका अर्थ यही है कि आधार ही एक मात्र केवाईसी के लिए पहचान का प्रमाण होगा. इससे ये आसान नहीं होगा कि खाताधारक रिश्तेदार के पते पर खुद का रहना दिखाकर अपना बैंक अकाउंट बैंक में बनाए रख सके.

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क्यों किए बदलाव

आरबीआई ने एक सर्कुलर में कहा कि नॉर्म्स में बदलाव इसलिएकिए गए हैं, क्योंकि सरकार ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डरिंग के कानून में बदलाव किया है. सरकार के कानून में ये बदलाव जून 2017 को प्रकाशित गैजेट नोटिफिकेशन में सामने आया था. इसके आधार पर हालाकि, अभी ये साफ नहीं है कि अब आरबीआई नई गाइडलाइन का पालन कब से लागू होगा.

सुप्रीम कोर्ट का आधार पर फैसला

पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न सेवाओं के लिए 31 मार्च तक आधार को लिंक करने की अनिवार्यता थी, लेकिन संवैधानिक पीठ का आधार की मान्यता पर फैसला आ गया. इसमें बैंकों और टेलिकॉम सर्विसेस के साथ अन्य सरकारी योजनाओं में आधार को लिंक करने की समय सीमा हटा दी गई .

इन राज्यों में कैसे होगा गाइडलाइंस का पालन

आधार के मामले में जम्मू-कश्मीर, असम और मेघालय के लोगों को आधार की अनिवार्यता से छूट दी गई है. अभी ये साफ नहीं है कि बैंक कैसे ऐसे कस्टमर के साथ नए सर्कुलर सुधार के साथ गाइडलाइंस केे नियमों का पालन कर सकेंगे. इससे पहले 25 फरवरी 2016 के कई निर्देशों का पालन भी कैसे होगा.