तिहाड़ जेल में कैदी ने की खुदकुशी

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दिल्ली की तिहाड़ जेल में एक बार फिर एक विचाराधीन कैदी ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए दीनदयाल अस्पताल में रखवा दिया गया है. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. लेकिन जेल की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं. जेल प्रशासन इस मामले में कुछ भी बोलने को राजी नहीं है.

जानकारी के मुताबिक, हरि नगर इलाके में स्थित तिहाड़ जेल में बीती शाम एक विचारधीन कैदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे तिहाड़ प्रशासन और पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. मृतक की पहचान राजकुमार के रूप में हुई है. उसने तिहाड़ के जेल नंबर चार में खुदकुशी की है.

जेल सूत्रों की माने तो प्रशासन ने कैदी पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी लगवाया है. कैदियों की सुरक्षा के लिए हरसंभव प्रयास के दावे किए जाते हैं. जेल प्रशासन के इन बड़े-बड़े दावों की उस वक्त पोल खुल गई, जब एक कैदी ने जेल में बंद होते हुए और कड़ी सुरक्षा के बीच खुद को मौत के हवाले कर दिया. पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है.

बताते चलें कि हाल ही में एक और कैदी ने तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली थी. पुलिस ने बताया कि लूट से संबंधित एक मामले में सोनीराम को जेल नंबर पांच में बंद किया गया था. उसका शव जेल में फंदे से लटकता हुआ मिला था. एशिया की सबसे बड़ी जेल तिहाड़ में कैदियों के आत्महत्या करने की घटनाएं बंद होने का नाम नहीं ले रही हैं.

हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई थी, जिसके अनुसार तिहाड़ जेल में सुरक्षा के मद्देनजर पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे भी नहीं हैं. यह खबर है जरूर चौंकाने वाली लेकिन सच है. दरअसल दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट की गठित की गई एक कमेटी की रिपोर्ट पर यह सच सामने आया था.

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रिपोर्ट के मुताबिक, तिहाड़ जेल में करीब 900 कैमरे लगे हैं, जबकि इतनी बड़ी जेल में कम से कम 5000 कैमरों की जरूरत है, जिससे पूरे परिसर की निगरानी हो सके. पिछले साल 21 नवंबर 2017 को जेल में पैरामिलिट्री फोर्स के कुछ लोगों ने वहां के कैदियों की जमकर पिटाई कर दी थी, जिसमें 18 कैदी घायल हुए थे.

हाईकोर्ट ने इस मामले पर खुद ही संज्ञान लेते हुए एक कमेटी का गठन किया था. जब इस कमेटी ने इस पूरी घटना की सीसीटीवी फुटेज निकाली तो पता चला कि फुटेज पूरी है ही नहीं, क्योंकि CCTV से पूरी जगह कवर नहीं थी. कमेटी ने बताया कि यहां फुटेज सिर्फ 1 हफ्ते के लिए रखी जाती है, जिसे 1 महीने रखा जाना चाहिए.

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