साल 2021 के पहला चंद्र ग्रहण पर गर्भवती महिलाएं रखें इन बातों का ध्यान

साल 2021 का पहला चंद्र ग्रहण 26 मई 2021 को वैशाख मास की पूर्णिमा के दिन पड़ेगा। साल का पहला चंद्र ग्रहण वैसे तो पूर्ण ग्रहण है, लेकिन भारत में ये उपच्छाया ग्रहण की तरह दिखेगा। उपच्छाया ग्रहण होने के चलते इस चंद्र का ना ही कोई सूतक काल होगा और ना ही गर्भवती महिलाओं पर इसका कोई असर होगा, लेकिन सुरक्षा की नजर से गर्भवती महिलाओं को चंद्र ग्रहण के वक्त कुछ नियमों का पालन करना चाहिए, जिससे गर्भ में पल रहा शिशु स्वस्थ्य रहे। वैसे तो चंद्र ग्रहण एक विज्ञान से जुड़ी घटना है, जिसमें पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य के बीच आ जाती है, जिससे सूर्य की रोशनी चंद्रमा पर नहीं पड़ती। धार्मिक मान्यताओं में ऐसा माना जाता कि ग्रहण का असर गर्भवती महिलाओं पर भी पड़ता है और ग्रहण काल के वक्त गर्भवती महिलाओं को कुछ खास बातों का ध्यारन रखना चाहिए, नहीं तो उनको और उनके गर्भ में शिशु को नुकसान हो सकता है। जागरण आध्यात्म में आज जानिए कि चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं क्या करें और क्या न करें।

चंद्र ग्रहण में गर्भवती महिलाएं क्या करें, क्या न करें

1. चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर में ही रहने की सलाह दी जाती है। ऐसा माना जाता है कि चंद्र ग्रहण का गर्भ में बुरा असर हो सकता है, इसलिए ग्रहण के वक्त गर्भवती महिलाओं घर में रहना चाहिए।

2. चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को नोकदार चीजें जैसे चाकू, कैंची, सूई का उपयोग नहीं करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने पर गर्भ में शिशु को नुकसान हो सकता है।

3. गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान कुछ भी नहीं खाना चाहिए क्योंकि ग्रहण के वक्त पड़ने वाली किरणें खाने को खराब कर देती हैं। साथ ही ऐसा माना जाता है कि ग्रहण से पहले सभी खाने की चाजें और दूध में तुलसी डाल दें। ऐसा करने से ग्रहण के बाद भी खाना शुद्ध रहता है।

4. ज्योतिष के मुताबिक ग्रहण के बुरे असर से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को तुलसी मुंह में रखकर हनुमान चालीसा और दुर्गा स्तुति का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव नहीं होता।

5. ग्रहण की अवधि समाप्त होने के बाद गर्भवती महिलाओं को शुद्ध जल से स्नान जरूर करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा नहीं करने से शिशु को त्वचा संबधी रोग लग सकते हैं।

6. चंद्र ग्रहण के वक्त मानसिक रूप से भी मंत्र जाप का बड़ा महत्व बताया गया है। गर्भवती महिलाएं इस दौरान मंत्र जाप कर अपनी रक्षा कर सकती हैं। इससे उनके और गर्भ में शिशु के स्वास्थ्य पर अच्छा असर पड़ता है।

चंद्र ग्रहण का समय

चंद्र ग्रहण 26 मई को दोपहर 02 बजकर 17 मिनट पर शुरू होगा और शाम को 07 बजकर 19 मिनट पर समाप्त होगा। चंद्र ग्रहण का कोई सूतक काल नहीं होगा।

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