प्रवीण तोगड़िया ने तोड़ा अनिश्चितकालीन उपवास, अब करेंगे भारत भ्रमण

विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के पूर्व अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने गुरुवार को अपना अनिश्चितकालीन अनशन तोड़ दिया है। बता दें कि तोगड़िया राम मंदिर निर्माण को लेकर मंगलवार से अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठे थे। उन्होंने इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी समेत केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा था।

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प्रवीण तोगड़िया ने दावा किया कि संतों की सलाह पर उन्होंने अपना उपवास खत्म किया है। तोगड़िया ने कहा कि वह अब हिंदुओं के हित के लिए भारत भ्रमण करेंगे। तोगड़िया ने कहा कि वह राम मंदिर, गो-तस्करी, समान नागरिक संहिता, कश्मीरी हिंदुओं और बांग्लादेशी प्रवासियों के पुनर्वास का मुद्दा उठाएंगे। 

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शिवसेना से मिला समर्थन 

इससे पहले तोगड़िया को उनके अनिश्चितकालीन उपवास पर समर्थन देने के लिए शिवसेना के 20 सदस्यों का शिष्टमंडल राजस्थान पहुंचा था। बुधवार को ही तोगड़िया के समर्थकों ने दावा किया था कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने तोगड़िया को समर्थन देने की घोषणा की है। अपने उपवास के दौरान तोगड़िया ने पीएम मोदी पर जमकर हमला बोलते हुए कहा था कि सीमाओं पर सैनिक सुरक्षित नहीं हैं। किसान खुदकुशी कर रहे हैं। हमारी बेटियां हमारे घरों में सुरक्षित नहीं हैं और प्रधानमंत्री विदेश दौरे पर गए हैं। 

बीजेपी को लिया था आड़े हाथ 

फायर ब्रैंड नेता तोगड़िया ने बीजेपी से समान नागरिक संहिता और जम्मू-कश्मीर से जुड़ी धारा 370 और 35 ए खत्म करने की मांग भी की थी। बता दें, संविधान की धारा 370 से जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा मिला है जबकि 35 ए से सीमावर्ती राज्य के स्थायी निवासियों को विशेष अधिकार और सुविधा प्रदान की गई है। तोगड़िया ने अयोध्या मंदिर मुद्दे से निपटने के तरीके को लेकर बीजेपी को आड़े हाथों लिया और सवाल किया था कि अगर सुप्रीम कोर्ट मस्जिद के पक्ष में अपना फैसला सुनाती है तो पार्टी क्या करेगी। 

तोगड़िया 32 साल तक विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष रहे हैं। तोगड़िया को नई टीम में कोई भी नया दायित्व नहीं मिला है और इसके साथ ही तोगड़िया ने संगठन छोड़ने की घोषणा भी की है। तोगड़िया ने विश्व हिंदू परिषद के नए अध्यक्ष एस. कोकजे से उपवास में शामिल होने का आग्रह किया था और कहा था कि वह या तो उपवास में उनके साथ शामिल हों या संसद में राम मंदिर निर्माण के लिए विधेयक लाने के लिए दबाव बनाएं। 

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