भोपाल.पीएमटी 2012 मामले की सुनवाई कर रहीं अदालत ने पीपुल्स ग्रुप के चेयरमैन सुरेश एन विजयवर्गीय की दूसरी अग्रिम जमानत अर्जी नामंजूर कर दी है। गुरुवार को न्यायाधीश डीपी मिश्रा की अदालत में विजयवर्गीय के वकील ने जमानत अर्जी पर बहस की। वहीं सीबीआई के वकील सतीश दिनकर ने जमानत पर आपत्ति की। वहीं गुरूवार को अदालत से इस मामले के 13 छात्रों को जमानत मिल गई।
न्यायाधीश डीपी मिश्रा ने लिखा कि मूल चालान को देखने से प्रथम दृष्टया यह नहीं कहा जा सकता कि अभियुक्त विजयवर्गीय को इस अपराध में असत्य आधारों पर रंजिशवश फंसाया गया है। दस्तावेजों से प्रथम दृष्टया दिखता है कि अभियुक्त का मामला ‘सबूत नहीं है’ की श्रेणी में भी नहीं आता है। न्यायाधीश ने जमानत नामंजूर करते हुए लिखा कि उपरोक्त परिस्थितियों पर सूक्ष्मता, सतर्कता एवं समग्रता पूर्वक विचार करने पर, अपराध करने की प्रकृति, अपराध की गंभीरता और अपराध कारित करने के तरीके से समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखते हुए दूसरी अग्रिम जमानत अर्जी नामंजूर की जाती है।