पीएम मोदी ने देश के नाम संबोधन में कहा- हमें लॉकडाउन से बचना हैं, साथ ही…

कोरोना का कहर देश में जिस रफ्तार से बढ़ रहा है, उतनी ही तेजी से सियासत भी तेज होती जा रही है. कोरोना से निपटने के लिए एक तरफ जिन राज्यों में विपक्ष की सरकारें हैं, वो लॉकडाउन लगाने का फैसला कर रही हैं. दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान और झारखंड जैसे गैर-बीजेपी शासित राज्यों ने लॉकडाउन लगा दिया है. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों को लॉकडाउन लगाने से बचने की सलाह दी है, जिस पर बीजेपी शासित राज्य अमल करते दिख रहे हैं. ऐसे में लॉकडाउन को लेकर मोदी बनाम विपक्ष की स्थिति पैदा हो गई है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश के नाम संबोधन में राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की संभावना को खारिज करते हुए कहा, ‘साथियों! आज की स्थिति में हमें देश को लॉकडाउन से बचाना है. मैं राज्यों से भी अनुरोध करूंगा कि वे लॉकडाउन को अंतिम विकल्प के रूप में ही इस्तेमाल करें. लॉकडाउन से बचने की भरपूर कोशिश करनी है. माइक्रो कंटेनमेंट जोन पर ही ध्यान केंद्रित करना है.’ पीएम मोदी ने साफ कर दिया है कि देशव्यापी लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा.

दिल्ली में एक सप्ताह का लॉकडाउन

पीएम मोदी ने राज्यों को लॉकडाउन न लगाने और दूसरे विकल्पों को अपनाने की सलाह तब दी जब देश के कई राज्यों ने अपने-अपने यहां लॉकडाउन लगाने का फैसला कर लिया था. दिल्ली में कोरोना संक्रमण की तेजी से बढ़ती रफ्तार को देखते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली सरकार ने वीकेंड कर्फ्यू के खत्म होने के साथ ही सोमवार को 26 अप्रैल तक के लिए लॉकडाउन लगाने का ऐलान कर दिया था. अरविंद केजरीवाल की पहले के बाद दूसरे राज्यों की सरकारों ने भी लॉकडाउन लगाने को लेकर अपने-अपने यहां पहल करनी शुरू कर दी.

राजस्थान में 15 दिन का लॉकडाउन

राजस्थान में कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार वृद्धि जारी है, इस पर ब्रेक लगाने के लिए अशोक गहलोत की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार ने 15 दिन का लॉकडाउन लगा रखा है. सीएम गहलोत ने सोमवार को ही यानी 19 अप्रैल से 3 मई तक के लिए लॉकडाउन लगाया है. गहलोत सरकार ने इस लॉकडाउन को ‘जन अनुशासन पखवाड़ा’ नाम दिया है. लॉकडाउन के दौरान राज्य में जरूरी सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी सेवाएं बंद रहेंगी. प्रदेश की सीमा पर सख्ती की निर्देश दिए गए हैं और बाहर से आने वालों को 72 घंटे भीतर की आरटीपीसीआर रिपोर्ट दिखाने के बाद ही राज्य में एंट्री मिल पाएगी.

झारखंड में एक सप्ताह का लॉकडाउन

झारखंड में कोरोना संकट से निपटने के लिए हेमंत सोरने की अगुवाई वाली महागठबंधन सरकार ने राज्य में 22 से 29 अप्रैल तक के लिए संपूर्ण लॉकडाउन लगाया है. मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को लॉकडाउन का ऐलान करते हुए कहा कि गुरुवार को सुबह छह बजे से 29 अप्रैल तक आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सबकुछ बंद रहेगा. उन्होंने कहा कि राज्य में बढ़ते कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ना नितांत आवश्यक है. इसलिए राज्य में ‘स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह’ हेतु लॉकडाउन का निर्णय लिया गया है. इस दौरान धार्मिक स्थल खुले रहने की छूट दी है, लेकिन भीड़ न जुटे इसकी भी नसीहत दी है और नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है.

महाराष्ट्र में संपूर्ण लॉकडाउन की सिफारिश

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के चलते हालात दिन-ब दिन बिगड़ते जा रहे हैं. ऐसे में महाराष्ट्र में सख्त लॉकडाउन लगाने के लिए उद्धव ठाकरे कैबिनेट ने मंगलवार को सिफारिश की है. महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि कैबिनेट बैठक में तय हुआ कि लॉकडाउन लगाना ही पड़ेगा. ऐसे में 21 अप्रैल (बुधवार) रात आठ बजे से कड़े तरीके से लॉकडाउन लगाया जाएगा लेकिन इसकी घोषणा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे करेंगे. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के सभी मंत्रियों ने मुख्यमंत्री से राज्य में लॉकडाउन लगाने का अनुरोध किया है. साथ ही उद्धव सरकार में मंत्री असलम शेख ने कहा कि राज्य में मेडिकल ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए राज्य पूर्ण लॉकडाउन की ओर बढ़ रहा है. इस बारे में गाइडलाइंस शीघ्र जारी किए जाएंगे.

बीजेपी शासित राज्य लॉकडाउन से बच रहे

कोरोना से निपटने में इस बार लगातार गैर-बीजेपी राज्य सरकारें लॉकडाउन लगाने की पहल कर रही हैं तो बीजेपी शासित राज्य लॉकडाउन नहीं लगाने पर अड़े हैं. यूपी में तो हाई कोर्ट को आदेश भी देना पड़ गया, पर राज्य सरकार इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई. इसके अलावा मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सहित हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर की अगुवाई वाली बीजेपी सरकारों ने साफ कह दिया है कि राज्य में लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा. हालांकि, मध्य प्रदेश में 30 अप्रैल तक के लिए कई बड़े शहरों में सख्त पाबंदिया लगाई गई हैं, जिसे लॉकडाउन के बजाय कोरोना कर्फ्यू का नाम दिया गया है.

लॉकडाउन पर पीएम मोदी बनाम विपक्ष

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के नाम संबोधन के बाद महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि पीएम ने कहा है कि लॉकडाउन राज्यों के लिए अंतिम विकल्प होना चाहिए, लेकिन देश की अलग-अलग अदालतों ने लॉकडाउन लगाने के निर्देश दिए हैं. नवाब मलिक ने कहा कि लोगों को उम्मीद थी कि प्रवासी श्रमिकों, गरीबों, छोटे व्यापारियों के लिए पीएम की ओर से एक राहत पैकेज की घोषणा की जाएगी.

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा कि मोदी के ‘ज्ञान’ का सार यह था कि उनके बस का कुछ नहीं है और लोग अपनी जान की रक्षा खुद करें. कांग्रेस के महासचिव व मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा कि आज रात 8.45 बजे के ज्ञान का सार- मेरे बस का कुछ नहीं, यात्री अपने सामान यानी जान की रक्षा स्वयं करें. साथ ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने भी कहा, ‘प्रधानमंत्री के भाषण का सार यह है. लोगों की अपनी जिम्मेदारी खुद की है. अगर आप इससे पार पा लेते हैं तो किसी उत्सव और महोत्सव में जरूर मिलेंगे. तब तक के लिए शुभकमानाएं. ईश्वर आपकी रक्षा करे.

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