SCO समिट में बोले पीएम मोदी- आत्मनिर्भर भारत की दृष्टि के साथ आगे बढ़ रहे, मल्टीप्लायर साबित होंगे हम

नई दिल्ली। पीएम मोदी आज रूस में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन की वर्चुअल बैठक में शामिल हुए, चीन से चल रहे विवाद के बीच यह पहला मौका है जब पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग आमने-सामने हुए, बता दें कि इस बैठक की अध्यक्षता रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने की, इस बैठक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी शामिल हुए।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा एससीओ के कुशल नेतृत्व के लिए और कोरोना की मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद यह बैठक बुलाने के लिए राष्ट्रपति पुतिन को बधाई देता हूं। एससीओ में भारत के लिए यह एक महत्वपूर्ण वर्ष है। हम एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन करने जा रहे हैं। इस बैठक के लिए एक व्यापक एजेंडा तैयार किया गया है। जिसमें आर्थिक मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया है।

आत्मनिर्भर भारत को लेकर उन्होंने कहा कि हम महामारी के बाद के विश्व में आत्मनिर्भर भारत की दृष्टि के साथ आगे बढ़ रहे हैं। मुझे विश्वास है कि आत्मनिर्भर भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक फोर्स मल्टीप्लायर साबित होगा और एससीओ क्षेत्र को आर्थिक गति प्रदान करेगा।

चीन पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि एससीओ क्षेत्र से भारत का घनिष्ठ सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध रहा है। हमारे पूर्वजों ने इसे जीवंत रखा। भारत का मानना है कि कनेक्टिविटी को और अधिक गहरा करने के लिए एकदूसरे की संप्रुभता की मूल भावना के साथ आगे बढ़ा जाए।

यूएन को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि यूनाइटेड नेशन ने अपने 75 साल पूरे किए हैं। लेकिन संयुक्त राष्ट्र का मूल उद्देश्य अभी अधूरा है। महामारी की आर्थिक और सामाजिक पीड़ा से जूझ रहे विश्व की अपेक्षा है कि यूएन की व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन जाए। हमारे यहां शास्त्रों में कहा गया है कि परिवर्तन ही एकमात्र स्थिरता है।

SCO में पीएम मोदी ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि इस मंच में समय-समय पर द्विपक्षीय मुद्दों को लाने की कोशिश की जाती है जो SCO फोरम के मूल्यों और बुनियादी बातों के खिलाफ है। हमने चीनी और रूसी भाषाओं में भारत के दस साहित्य का अनुवाद किया है। कई योग कार्यक्रमों में भाग लिया। इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए रूसी राष्ट्रपति का धन्यवाद।

बता दें कि भारत आठ देशों के क्षेत्रीय समूह एससीओ के साथ अपने सहयोग का विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसमें शामिल देशों की आबादी दुनिया की आबादी का लगभग 42 प्रतिशत है। साथ ही इन राष्ट्रों की जीडीपी वैश्विक जीडीपी का 20 प्रतिशत है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कुछ दिनों पहले कहा था कि भारत 30 नवंबर को एससीओ में शामिल देशों के प्रमुखों की एक शिखर बैठक की मेजबानी करेगा जिसमें वर्चुअल तौर पर सदस्य देशों के प्रधानमंत्री शामिल रहेंगे। बता दें कि भारत साल 2017 में एससीओ का सदस्य बना था।

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