इन 10 फिल्मों को देखकर आज भी रो पड़ते है लोग, जानिए कौन- कौन सी है फिल्म…

सेना के जवानों और खेतों में काम करने वाले किसानों को ‘भगवान’ जैसा ही माना जाता है। एक खेतों में काम करके अन्नदाता कहलाता है तो दूसरा सीमा पर बाहरी ताकतों से देश की रक्षा में जान निछावर करके शहीद कहलाता है। देश में हर त्यौहार, हर पर्व सिर्फ एक एक बार ही आता है लेकिन सिर्फ शहीद दिवस ही एक ऐसा पर्व है जिसे साल में कई बार मनाया जाता है। देश के लिए समय-समय पर बहुत से जवानों ने अपनी जान की कुर्बानी दी है इसलिए उनके सम्मान में ये दिन भी कम लगते हैं। जब इन जवानों पर फिल्में बनती हैं तो इन्हें देख कर लोगों के अक्सर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। बहुत से लोगों के तो आंसू भी निकलते हैं। आइए, देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या के दिन मनाए जाने वाले शहीद दिवस के मौके पर शहीदों के लिए बनी कुछ फिल्मों के बारे में जानते हैं।

शहीद (1965)

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में देशभक्ति का पहला चेहरा अभिनेता मनोज कुमार रहे हैं। उन्होंने अपनी देशभक्ति ‘उपकार’, ‘पूरब और पश्चिम’, ‘क्रांति’ और ‘शहीद’ जैसी फिल्मों से दिखाई। इन सभी फिल्मों में मनोज कुमार ने पहली फिल्म वर्ष 1965 में बनाई जिसका शीर्षक रहा ‘शहीद’। यह फिल्म पूरी तरह से शहीद भगत सिंह पर आधारित रही और फिल्म में भगत सिंह का किरदार निभाया खुद मनोज कुमार ने। फिल्म में मनोज कुमार का अभिनय तो शानदार रहा ही, साथ ही यह फिल्म सभी मायनों में सत्यापित भी मानी गई। इस फिल्म ने अपनी सत्यता की वजह से हिंदी भाषा की सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीता।

गांधी (1982)

हिंदी सिनेमा में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन पर आधारित कई फिल्में बनाई गई हैं लेकिन ऐसी फिल्म कोई नहीं बनी जैसी वर्ष 1982 में ‘गांधी’ शीर्षक से रिचर्ड एटनबरो ने हॉलीवुड के लिए बनाई। इस फिल्म में महात्मा गांधी के किरदार में नजर आए मशहूर अभिनेता बेन किंग्सले। उनके अलावा फिल्म में रोहिणी हट्टंगड़ी, रोशन सेठ, प्रदीप कुमार, सईद जाफरी, एडवर्ड फॉक्स, श्रीराम लागू, दिलीप ताहिल, पंकज कपूर, सुप्रिया पाठक, नीना गुप्ता जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में रहे। इस फिल्म में महात्मा गांधी के एक बैरिस्टर बनने से लेकर उनकी हत्या तक के पूरे जीवन को दिखाया है। फिल्म ने दुनियाभर में नाम कमाया और 11 श्रेणियों में ऑस्कर के लिए नामित भी किया गया। इनमें से सर्वश्रेष्ठ फिल्म, सर्वश्रेष्ठ निर्देशन, सर्वश्रेष्ठ अभिनेता समेत आठ श्रेणियों में इस फिल्म को ऑस्कर पुरस्कार मिले।

बॉर्डर (1997)

जे पी दत्ता के निर्माण और निर्देशन में वर्ष 1997 में आई फिल्म ‘बॉर्डर’ वर्ष 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच लड़े युद्ध की एक असल घटना पर आधारित है। इस फिल्म में लोंगेवाला में लड़ा गया युद्ध दिखाया गया है। फिल्म में सनी देओल, सुनील शेट्टी, अक्षय खन्ना, जैकी श्रॉफ, सुदेश बेरी, पुनीत इस्सर, कुलभूषण खरबंदा, तब्बू, राखी, पूजा भट्ट, शर्बानी मुखर्जी जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर तो ब्लॉकबस्टर रही ही, साथ ही इस फिल्म को जब आज भी टीवी पर प्रसारित किया जाता है तो यह फिल्म भारी मात्रा में दर्शक जुटाने में कामयाब रहती है। इस फिल्म का गीत ‘संदेशे आते हैं’ आज भी राष्ट्रीय पर्वों पर खूब सुना जाता है।

द लीजेंड ऑफ भगत सिंह (2002)

अपनी जवानी में ही देश के लिए शहीद हो जाने वाले भगत सिंह के जीवन पर आधारित वर्ष 2002 की फिल्म ‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’ देश के प्रति भक्ति का एक अनोखा जज्बा जगाती है। भगत सिंह की जिंदगी पर आधारित इस फिल्म में भगत सिंह की भूमिका अभिनेता अजय देवगन ने निभाई। उनके साथ सुखदेव थापर की भूमिका में नजर आए सुशांत सिंह और शिवराम राजगुरु की भूमिका डी संतोष ने निभाई है। राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तो बहुत अच्छा प्रदर्शन नहीं किया लेकिन सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म की श्रेणी में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जरूर जीता।

23 मार्च 1931 शहीद (2002)

राजकुमार संतोषी की फिल्म ‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’ ने बॉक्स ऑफिस पर बहुत अच्छा प्रदर्शन इसलिए नहीं किया क्योंकि इसी के साथ अभिनेता धर्मेंद्र के निर्माण में बनी फिल्म ’23 मार्च 1931- शहीद’ भी सिनेमाघरों में रिलीज हुई। दोनों फिल्में सरदार भगत सिंह की बायोग्राफी रहीं इसलिए दोनों फिल्मों ने दर्शकों को आपस में बांट लिया। गुड्डू धनोआ के निर्देशन में बनी इस फिल्म में भगत सिंह की भूमिका अभिनेता बॉबी देओल ने निभाई जबकि चंद्रशेखर आजाद बने नजर आए अभिनेता सनी देओल। यहां सुखदेव बने राहुल देव और राजगुरु बने विकी आहूजा।

एलओसी कारगिल (2003)

वर्ष 1997 में ‘बॉर्डर’ फिल्म बनाने वाले जे पी दत्ता ने 2003 में एक और फिल्म ‘एलओसी कारगिल’ बनाई जिसमें उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 में हुए कारगिल युद्ध को दिखाया। फिल्म सत्य घटना पर आधारित रही जिसमें उन्होंने संजय दत्त, अजय देवगन, नागार्जुन अक्कीनेनी, सुनील शेट्टी, सैफ अली खान, करण नाथ, अभिषेक बच्चन, अक्षय खन्ना, रानी मुखर्जी, मनोज बाजपेयी, आशुतोष राणा, करीना कपूर, ईशा देओल, रवीना टंडन, प्रीति झंगियानी, महिमा चौधरी जैसे कलाकारों की एक पूरी फौज ली। फिल्म में भारतीय सेना का पाकिस्तान की सेना से लड़ने वाला जज्बा बहुत प्रभावित करता है।

धूप (2003)

नेशनल अवार्ड विनर निर्देशक अश्विनी चौधरी ने साल 2003 में फिल्म रिलीज की ‘धूप’ जो काफी हद तक वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध में शहीद हुए कैप्टन अनुज नायर की जिंदगी पर आधारित रही। इस फिल्म में कारगिल युद्ध के दौरान टाइगर हिल पर लड़ी गई लड़ाई को केंद्र में रखा गया। हालांकि, फिल्म में प्रमुख रूप से युद्ध नहीं, बल्कि सेना के शहीद जवान के परिवार के संघर्ष को दिखाया। मेजर रोहित कपूर भारत-पाकिस्तान युद्ध में शहीद हो जाता है तो सरकार रोहित के परिवार को अपनी जीविका चलाने के लिए एक पेट्रोल पंप प्रदान करती है। हालांकि, उस पेट्रोल पंप को चलाने की इजाजत सरकारी दफ्तरों से पाने में रोहित के परिवार को बहुत संघर्ष करना पड़ता है। प्रमुख रूप से इस फिल्म ने देश के भ्रष्ट सिस्टम को दर्शाया।

1971 (2007)

कुछ लड़ाइयां भारतीय सेना ने मैदान में नहीं, बल्कि मैदान से बाहर भी लड़ीं। उन लड़ाइयों में से एक कहानी रही अमृत सागर के निर्देशन में बनी वर्ष 2007 की फिल्म ‘1971’। यह कहानी साल 1971 में भारत पाकिस्तान के बीच लड़ी गई लड़ाई के दौरान भारतीय सेना के बंधक बनाए छह सैनिकों की है। वर्ष 1971 के युद्ध के खत्म होने जाने के बाद भी इसमें बंधक बनाए भारतीय सैनिक अपनी जान जोखिम में डालकर पाकिस्तान की जेल से भागने की कोशिश करते हैं। सच्ची घटना पर आधारित इस दर्दनाक फिल्म में मनोज बाजपेयी, रवि किशन, चितरंजन गिरी, कुमुद मिश्रा, मानव कॉल, दीपक डोबरियाल, पियूष मिश्रा, विवेक मिश्रा जैसे कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाईं।

द अटैक्स ऑफ 26/11 (2013)

26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमले पर आधारित रामगोपाल वर्मा ने वर्ष 2013 में एक फिल्म ‘द अटैक्स ऑफ 26/11’ बनाई जिसमें अभिनेता नाना पाटेकर मुख्य भूमिका में रहे। फिल्म को देश में बिना कट लगाए सीबीएफसी ने ए सर्टिफिकेट के साथ रिलीज करने का आदेश दिया। फिल्म में रामगोपाल वर्मा ने मुंबई में हुए 26/11 हमले की शुरुआत से लेकर अंत तक की पूरी कहानी दिखाई। अजमल कसाब समेत सभी आतंकियों की बर्बरता और उनके सामने पुलिस और एनएसजी के जवानों को शहीद होता देख धक्का सा लगता है।

उरी- द सर्जिकल स्ट्राइक (2019)

जब हथियारों से लैस आतंकियों ने वर्ष 2016 में जम्मू-कश्मीर के उरी स्थित सेना के कैंप पर हमला किया तो इस हमले में नींद में ही 19 जवान शहीद हो गए। हालांकि, बाद में वह आतंकी भी मारे गए। इस हमले को ही आधार बनाकर आदित्य धर ने वर्ष 2019 में फिल्म बनाई ‘उरी- द सर्जिकल स्ट्राइक’। इस फिल्म में विकी कौशल, परेश रावल, यामी गौतम, मोहित रैना और कीर्ति कुल्हारी ने मुख्य भूमिकाएं निभाईं। फिल्म में मुख्य रूप से पूरी योजनाबद्ध तरीके से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में घुसकर भारतीय सेना की आतंकियों पर सर्जिकल स्ट्राइक को दिखाया गया है। फिल्म में भारतीय जवानों का जोश फिल्म देखने वालों के अंदर भी जोश पैदा कर देता है।

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