पूरा नहीं हो पायेगा हाफिज का सियासी सपना, JuD पर पूर्ण प्रतिबंध की तैयारी में PAK

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मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के सियासी पारी शुरू करने के सपनों पर ब्रेक लग सकता है. पाकिस्तान मीडिया के मुताबिक, सरकार हाफिज के संगठन ‘जमात-उद-दावा’ और इससे जुड़े सभी संगठनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है. इसके लिए पाक सरकार एक ऐसे ड्राफ्ट पर काम कर रही है, जो राष्ट्रपति ममनून हुसैन के अध्यादेश की जगह लेगा. प्रस्तावित नए ड्राफ्ट के कानून बनने के बाद हाफिज सईद के ‘जमात-उद-दावा’ समेत इससे जुड़े सभी संगठनों की हर तरह की गतिविधियों पर आजीवन बैन लग जाएगा.

पूरा नहीं हो पायेगा हाफिज का सियासी सपना, JuD पर पूर्ण प्रतिबंध की तैयारी में PAK

दरअसल, पाकिस्तानी राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने इसी साल 13 फरवरी को ऐसे अध्यादेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसका उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की ओर से प्रतिबंधित संगठनों लश्कर-ए-तैयबा, अल-कायदा, तालिबान और इनसे जुड़े लोगों की गतिविधियों पर लगाम लगाना है. इस लिस्ट में मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का संगठन जमात-उद-दावा (जेयूडी) भी शामिल है. बता दें कि पाकिस्तान में इसी साल आम चुनाव होने हैं. हाफिज सईद जमात-उद-दावा के विंग ‘मिल्ली मुस्लिम लीग’ से चुनाव लड़ना चाहता है.

120 दिन के अंदर खत्म हो जाएगा राष्ट्रपति का अध्यादेश

संविधान के मुताबिक, राष्ट्रपति का यह अध्यादेश पारित होने के 120 दिन के अंदर खत्म हो जाएगा. ऐसे में पाक सरकार इसके पहले ही एक ऐसा कानून लाना चाहती है, जो इस अध्यादेश की जगह ले सके.नेशनल असेंबली में कल पेश किया जाएगा ड्राफ्ट
पाकिस्तान के मशहूर अंग्रेजी अखबार ‘द डॉन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, कानून मंत्रालय ने बताया कि ये प्रस्तावित ड्राफ्ट एंटी टेररिज्म एक्ट (ATA) 1997 में संशोधन करने के लिए है. इसे 9 अप्रैल को नेशनल असेंबली के सेशन में पेश किया जाएगा.

FATF के फैसले के बाद पाक ने उठाया ये कदम

कानून मंत्रालय के मुताबिक, सरकार ने ये कदम फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) के उस फैसले के बाद लिया है, जिसमें पाकिस्तान को आतंकवादियों को फंड करने वाले संदिग्‍ध देशों की लिस्ट में डाल दिया गया था.पाकिस्तान पर लगे हैं ये प्रतिबंध
इस फैसले के बाद कोई भी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान या बैंक पाकिस्तान के साथ काम नहीं कर पाएगा और पाकिस्तान किसी भी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान के साथ से वित्तीय सहायता हासिल नहीं कर पाएगा. उसे फिलहाल 3 साल के लिए निगरानी में रखने का फैसला किया गया है. ऐसे में पाकिस्तान सरकार का ये नया ड्राफ्ट डैमेज कंट्रोल के तौर पर देखा जा रहा है.

US ने ‘मिल्ली मुस्लिम लीग’ को घोषित किया आतंकी संगठन

बता दें कि इसके पहले अमेरिका हाफिज सईद की पार्टी ‘मिल्ली मुस्लिम लीग’ को विदेशी आतंकी संगठन घोषित कर चुका है. ट्रंप सरकार के ऐलान के बाद हाफिज ने इस फैसले की खिल्ली भी उड़ाई. हाफिज का कहना है कि ऐसा करके अमेरिका ने उनकी पार्टी की ‘विश्वसनीयता’ को प्रमाणित कर दिया है. उसके मुताबिक, अमेरिका ने ऐसा इसलिए किया, क्योंकि वह जानता है कि मिल्ली मुस्लिम लीग से उसकी दोस्ती नहीं हो सकती.

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