हरियाणा में दुष्कर्म की घटनाओं पर विपक्ष आक्रामक, अमित शाह से मिले CM खट्टर

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली से सटे राज्यों में से एक हरियाणा में पिछले कुछ दिनों के दौरान दुष्कर्म की घटनाओं ने झकझोर कर रख दिया है। इनमें से दो मामले ऐसे थे, जिनमें पीड़ितों की हत्या भी कर दी गई। जींद, पानीपत, पंचकूला व फरीदाबाद में दुष्कर्म की घटनाओं ने विपक्ष को राज्य में सत्तासीन भाजपा सरकार को घेरने का मौका दे दिया है। कई सामाजिक और महिला संगठनों ने देश में दुष्कर्म की घटनाओं पर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन का एलान किया है। यह प्रदर्शन दिल्ली में हरियाणा भवन पर होगा। इस बीच दिल्ली में मुख्यमंत्री मनोहर लाल भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मिलने उनके आवास पर पहुंचे हैं। हालांकि, मुलाकात को दुष्कर्म की घटनाओं से जोड़कर नहीं देखा जा रहा है। हरियाणा में दुष्कर्म की घटनाओं पर विपक्ष आक्रामक, अमित शाह से मिले CM खट्टर

जानकारी के मुताबिक, नई दिल्ली में मुख्यमंत्री मनोहरलाल की भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से 11 अकबर रोड पर क़रीब 35-40 मिनट तक मुलाक़ात हुई। मुलाकात करने के बाद सीएम हरियाणा भवन के लिए चले गए। वहीं, सीएम ने इस मुलाकात को 15 फरवरी को जींद में अमित शाह की रैली के मद्देनजर बताया, मगर माना जा रहा है कि सीएम ने प्रदेश में बिगड़ी कानून व्यवस्था को सुधारने के बारे में जानकारी दी। इसी के चलते पहले सीएम ने आइजी के साथ कुछ चुनिंदा पुलिस अघिकारियों के साथ कानून व्यवस्था पर चर्चा की।

वहीं, प्रदेश में खराब होती कानून व्यवस्था को लेकर गुरुग्राम में हो रहे मंथन शिविर के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध साइकिल रैली निकाली गई। जो रेलवे स्टेशन से सेक्टर 4/7 चौक सदर बाजार से होकर राजीव चौक सुभाष चौक से होते हुए हुडा जिमखाना क्लब तक पहुंची।

प्रदेश की कानून व्यवस्था खराबः अशोक तंवर 

रैली साइकिल पर सवार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर हाथ हिलाकर लोगो का अभिवादन स्वीकार करते नजर आए। इस दौरान हरियाणा के प्रदेश  कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बेहद खराब।  अपराध में इजाफा हो रहा है और भाजपा सरकार कोई सख्त कदम नहीं उठा रही है।

बता दें कि यह हालात तब हैं जब राज्य में अक्सर ऑपरेशन दुर्गा चलाए जाते हैं और हर ऐसी जगह पर चौकस निगाहें रख लड़कियों व महिलाओं को महफूज रखने के दावे किए जाते हैं। राज्य के हर शहर में महिला थाने और महिला उत्पीड़न को थामने के लिए मजबूत सिस्टम का दावा किया जाता है। कांग्रेस के अलावा, इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) ने भी फरीदाबाद शहर में महिलाओं के प्रति लगातार बढ़ रहे अपराधों के विरोध में बादशाह खान चौक पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हरियाणा सरकार का पुतला भी फूंका।

गौरतलब है कि फरीदाबाद में 22 साल की लड़की का अपहरण कर उससे चलती गाड़ी में सामूहिक दुष्कम किया गया। वहीं, दूसरे जिले जींद में एक दलित लड़की के साथ भी सामूहिक दुष्कर्म किया गया फिर उसकी हत्या कर दी गई। दुष्कर्म की वारदात की कड़ी में पानीपत के गांव उरनाला कलां में 11 वर्षीय बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म के बाद  उसकी हत्या कर दी गई। वहीं, चौथी घटना में पिंजौर में एक 10 वर्षीय छात्रा के साथ उस समय हैवानियत की गई, जब वह रविवार को अपने घर के बाहर खेल रही थी।

एनसीआरबी आंकड़े दे रहा दरिंदगी की गवाही

नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (NCRB) के ताजा आंकड़े भी हरियाणा में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध की ओर इशारा कर रहे हैं। NCRB रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में साल 2016 के दौरान प्रदेश में सामूहिक दुष्कर्म की 191 घटनाएं हुई थीं। राष्ट्रीय स्तर पर सामूहिक दुष्कर्म की औसत जहां महज 0.3 फीसदी है वहीं सूबे में यह औसत 1.5 फीसदी है।

इतना ही नहीं, पिछले साल हरियाणा में दुष्कर्म के कुल 1189 केस दर्ज किए गए थे। जिनमें से करीब 44 फीसदी अथवा करीब 518 घटनाओं में पीड़ितों की उम्र 18 साल से कम रही है। साल 2017 में भी महिला उत्पीड़न की 9523 घटनाएं हुईं। साल 2016 के मुकाबले गैंगरेप की घटनाएं वर्ष 2017 में बढक़र 204 तक पहुंच गई। पिछले साल प्रदेश में दहेज हत्या की 229, बलात्कार की 1238, बलात्कार के प्रयास की 141, महिलाओं एवं युवतियों के साथ छेड़छाड़ के 2039 मामले दर्ज किए गए। इसी तरह महिलाओं अथवा युवतियों के अपहरण की 2432 घटनाएं हुई।

 
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