Home > Mainslide > विपक्ष को लगा बड़ा झटका, CJI दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव खारिज

विपक्ष को लगा बड़ा झटका, CJI दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव खारिज

राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने चीफ जस्टिस (सीजेआई) दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. वेंकैया नायडू ने 20 पन्नों के आदेश में खारिज करने के कारणों का जिक्र किया है. इसमें एक तकनीकी वजह का जिक्र है. राज्यसभा सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अधिकारी ने बताया कि नायडू ने देश के शीर्ष कानूनविदों से इस मामले के सभी पहलुओं पर विस्तार से विचार विमर्श करने के बाद यह फैसला लिया है.

उन्होंने बताया कि नोटिस में जस्टिस मिश्रा पर लगाये गये कदाचार के आरोपों को प्रथम दृष्टया संविधान के अनुच्छेद 124 (4) के दायरे से बाहर पाये जाने के कारण इन्हें अग्रिम जांच के योग्य नहीं माना गया. विपक्षी दलों ने नोटिस में जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ पांच आधार पर कदाचार का आरोप लगाते हुये उन्हें ‘चीफ जस्टिस के पद से हटाने की प्रक्रिया’ शुरू करने की मांग की थी.

रविवार को उपराष्ट्रपति नायडू ने महाभियोग के मसले पर लोकसभा के पूर्व महासचिव और संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप, पूर्व विधि सचिव पी के मल्होत्रा, पूर्व विधायी सचिव संजय सिंह और राज्यसभा सचिवालय के अधिकारियों से मुलाकात की थी.

उपराष्ट्रपति ने अपने आदेश में क्या कहा?

एबीपी न्यूज़ के पास उपराष्ट्रपति के आदेश की कॉपी मौजूद है. इसमें उपराष्ट्रपति ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया है. आदेश के मुताबिक उपराष्ट्रपति ने कहा कि मेरे सामने ऐसे कोई सबूत पेश नहीं किए गए जिससे ये साबित होता हो कि चीफ जस्टिस ने मिसविहेब किया हो. इसके आधार सीजेआई के खिलाफ आगे किसी भी तरह की जांच का मामला नहीं बनता.

भीमा कोरेगांव हिंसा: चश्मदीद लड़की पूजा की कुएं में मिली लाश

पुख्ता सबूतों के ना होते हुए चीफ जस्टिस जैसी शख्सियत के खिलाफ जांच के आदेश देना एक संवैधानिक संस्था को जनता की नजरों में कमजोर करना. उन्होंने आखिरी पैराग्राफ में लिखा कि कांग्रेस ने जो प्रस्ताव भेजा उसका प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए प्रचार किया जो राज्यसभा के नियमों के खिलाफ है. ऐसा प्रस्ताव जिसमें आरोप लगाते हुए प्रतीत होता है, मालूम होता है, संभावना है जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया है उसे जांच के लिए आधार नहीं बना सकते.

इन्होंने दिया था महाभियोग प्रस्ताव, BJP ने कहा- जजों को डराने की कोशिश

कांग्रेस समेत सात विपक्षी दलों (कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम, एनसीपी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और मुस्लिम लीग) ने पिछले शुक्रवार को सीजेआई दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव दिया था. इस प्रस्ताव पर 71 सांसदों ने हस्ताक्षर किये हैं. इनमें से 7 पिछले दिनों रिटायर हो गये थे. महाभियोग प्रस्ताव के लिए न्यूनतम सदस्यों की संख्या 50 होनी चाहिए. बीजेपी ने विपक्षी दलों के कदम को ‘जजों को डराने वाला’ बताया है.

प्रशांत भूषण ने किया उपराश्ट्रपति के फैसले का विरोध

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने उपराष्ट्रपति के फैसले पर आश्चर्य जताया है. उन्होंने ट्विट कर कहा, ”क्या!! सीजेआई के खिलाफ 64 सासंदों के हस्ताक्षर वाले महाभियोग को वेंकैया नायडू ने खारिज कर दिया! क्या आधार है? उनके पास यह पावर नहीं है कि वह कहें कि सीजेआई पर लगे आरोप का आधार नहीं है. इसकी जांच तीन जजों की कमेटी करती है. उन्हें सिर्फ यह देखना होता है कि 50 सांसदों ने हस्ताक्षर किये हैं या नहीं.”

Loading...

Check Also

22 नवंबर को पीएम मोदी करेंगे नगर गैस परियोजना का शुभारंभ

22 नवंबर को पीएम मोदी करेंगे नगर गैस परियोजना का शुभारंभ

पीएम मोदी 22 नवंबर को पीएनजीआरबी के तहत नगर गैस परियोजना का शिलान्यास करेंगे। कार्यक्रम के …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com