व्यापमं की एक गलती और सार्वजनिक हो गया 20 लाख लोगों का डाटा

  • भोपाल. प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) के 20 लाख आवेदकों के सभी डाटा लीक हो रहे हैं। कोई भी व्यक्ति इस साइट पर रजिस्ट्रेशन करवाकर न केवल डाटा देख सकता है, बल्कि इन्हें कॉपी भी कर सकता है। इसमें आवेदकों के आधार कार्ड, मार्कशीट, फोटो और हस्ताक्षर आदि की जानकारी है।
    One mistake of business and public data of 20 million people
    – विशेषज्ञ कहते हैं कि पीईबी के इंजीनियर्स की गलती से यह डाटा लीक हो रहे हैं।
    – सारे दस्तावेज का डाटाबेस तैयार करने के लिए इन्हें इंसिक्योर डायरेक्ट ऑब्जेक्ट रिफरेंस (आईडीओआर) में सेव कर दिया गया।
    – इसे सीधे शब्दों में कहें तो ये दस्तावेज संख्या के आधार पर एक निश्चित गणना में सेव किए गए हैं। यह एक से लेकर 20 लाख तक हैं।
    – यूजर को अपने आईडी से और पासवर्ड के जरिए केवल उसी के दस्तावेज दिखने चाहिए, किसी और के नहीं। अगर दिखते हैं तो इसके मायने यह हैं कि दूसरे की निजी जानकारी सार्वजनिक हो रही है।

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    बचा जा सकता था

    – साइबर एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर यह दस्तावेज रैंडमली सेव किए गए होते या फिर फाइल नंबर देते समय कुछ अंग्रेजी के अक्षर का उपयोग किया गया होता तो इस भारी गलती से बचा जा सकता था।

    डाटा मैनेज करने वाली एजेंसी सेव करने में कर रही गलती

    -पीईबी मप्र में सभी तरह के प्रोफेशनल टेस्ट और नौकरियों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित करती है।
    – इसके लिए आवेदक को उसकी साइट में यूजर आईडी और पासवर्ड जेनरेट कर आधार, मार्क्सशीट और हस्ताक्षर जैसे दस्तावेज स्कैन करके स्टोर करने होते हैं।
    – एक बार डाटा स्टोर होने पर हर परीक्षा के लिए बार-बार डाटा नहीं अपलोड करना है। अब तक 20 लाख यूजर रजिस्टर्ड हो चुके हैं।
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