कल एक बार फिर आगरा एक्सप्रेस वे पर उतरेंगे फाइटर प्लेन्स, शामिल होंगे बड़े-बड़े प्लेन
लखनऊ. लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे से मंगलवार को एयरफोर्स के फाइटर प्लेन लैंडिंग और टेक ऑफ करेंगे। इसमें जगुआर, सुखोई और मिराज कैटेगरी के फाइटर प्लेन शामिल हैं। इनके अलावा एमआई-17 हेलिकॉप्टर, कैरियर एयरक्राफ्ट हरक्यूलिस-सी 17 भी उड़ान भरेंगे। यह एक्सरसाइज सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगी। ये दूसरी बार है जब इस एक्सप्रेस-वे पर फाइटर प्लेन लैंड करेंगे। देश में पहली बार किसी एक्सप्रेस-वे पर इतने बड़े लेवल पर एयरफोर्स का टचडाउन होगा।

302 KM का है लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे…
इमरजेंसी में होगा इस्तेमाल
– लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे कुल 302 KM का है। इसमें 6 लेन बने हुए हैं। एक्सप्रेस वे पर जिस एरिया में एयर स्ट्रिप बनाया गया है, वह उन्नाव जिले के बांगरमऊ क्षेत्र में आता है। इस एयर स्ट्रिप की लंबाई 3.3 किलोमीटर है।
– डिफेंस से जुड़े ऑफिशियलस की मानें तो यह क्षेत्र चीन (डोकलाम बॉर्डर) और पाकिस्तान (राजस्थान से लगे बॉर्डर) की मिसाइल रेंज से बाहर है। इमरजेंसी में फाइटर जेट यहां से आसानी से उड़ान भर सकेंगे।
एक्सप्रेस-वे पर हो रही तैयारी
– एक्सप्रेस-वे से 24 अक्टूबर को एयरफोर्स के फाइटर प्लेन लैंडिंग और टेक ऑफ करेंगे। इसको लेकर एक्सप्रेस वे पर तैयारी की जा रही है। इसके लिए रन वे पर 20 अक्टूबर से ही गाड़ियों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। कुछ लोकल एरिया की गाड़ियों को नए रास्तों से निकाला जा रहा है।
– 20 अक्टूबर से ही रोजाना 30 से 40 टैंकर पानी से रन-वे को धोया जा रहा है।
– हर रोज सुबह और शाम को उस पर एयर प्रेशर से हवा मारकर धूल को हटाया जाता है। इसके लिए करीब 5 एयर प्रेशर मशीनें लगाई गई हैं।
– सुरक्षा कारणों से रन-वे के दोनों ओर बैरिकेडिंग लगाई गई है, जिससे कोई जानवर या कुत्ता रन वे पर न आ सके। उस पर सिर्फ सुरक्षा और एयरफोर्स के साथ डिफेंस के अन्य अधिकारी ही जा सकते हैं।
– करीब 100 कर्मचारी रन-वे की साफ सफाई करने में जुटे हैं। रनवे के किनारे बने गड्ढों को भरा जा रहा है।
– हर रोज सुबह और शाम को उस पर एयर प्रेशर से हवा मारकर धूल को हटाया जाता है। इसके लिए करीब 5 एयर प्रेशर मशीनें लगाई गई हैं।
– सुरक्षा कारणों से रन-वे के दोनों ओर बैरिकेडिंग लगाई गई है, जिससे कोई जानवर या कुत्ता रन वे पर न आ सके। उस पर सिर्फ सुरक्षा और एयरफोर्स के साथ डिफेंस के अन्य अधिकारी ही जा सकते हैं।
– करीब 100 कर्मचारी रन-वे की साफ सफाई करने में जुटे हैं। रनवे के किनारे बने गड्ढों को भरा जा रहा है।
अल्टरनेटिव रूट बनाया गया
– फाइटर प्लेन लैंडिंग की वजह से एक्सप्रेस-वे को बंद कर दिया गया है। वहीं, आगरा से आने वाले वाहनों को कानपुर के अरौल में एक्सप्रेस वे से नीचे उतार दिया जा रहा है।
– इसके बाद यहां से गाड़िया कानपुर की ओर 6 किलोमीटर चलेंगी। ये गाड़िया बिल्हौर बांगरमऊ मार्ग पर मुड़ने के बाद बांगरमऊ पहुचेंगी। यहां से बांगरमऊ से मियागंज, हसनगंज व मोहान होते हुए लखनऊ पहुचेंगी।
– इसके बाद यहां से गाड़िया कानपुर की ओर 6 किलोमीटर चलेंगी। ये गाड़िया बिल्हौर बांगरमऊ मार्ग पर मुड़ने के बाद बांगरमऊ पहुचेंगी। यहां से बांगरमऊ से मियागंज, हसनगंज व मोहान होते हुए लखनऊ पहुचेंगी।
एक्सप्रेस वे बना टूरिस्ट स्पॉट
– एयरफोर्स की इस एक्सरसाइज की वजह से आस-पास के गांव के लोगों में बहुत उत्साह है। गांव वाले एक्सप्रेस-वे पर बन रही एयर स्ट्रिप को देखने आ रहे हैं।
– गांव के रमेश कहते हैं कि हवाई पट्टी को देख कर बहुत अच्छा लग रहा है। हवाई जहाज को पास से देखकर बहुत अच्छा लगता है। यहीं के रहने वाले कमला ने कहा, “हमें बहुत अच्छा लगता है जब हवाई जहाज यहां उड़ते हैं। हम पिछली बार भी यहां जहाज देखे थे। एक बार फिर पिछली बार की तरह जहाज उतरेंगे।”
– गांव के रमेश कहते हैं कि हवाई पट्टी को देख कर बहुत अच्छा लग रहा है। हवाई जहाज को पास से देखकर बहुत अच्छा लगता है। यहीं के रहने वाले कमला ने कहा, “हमें बहुत अच्छा लगता है जब हवाई जहाज यहां उड़ते हैं। हम पिछली बार भी यहां जहाज देखे थे। एक बार फिर पिछली बार की तरह जहाज उतरेंगे।”
इससे पहले भी टच डाउन कर चुके फाइटर प्लेन
– इससे पहले 21 नवंबर को लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे के इनॉगरेशन के वक्त मिराज और सुखोई विमानों ने यहां टच डाउन किया था।
– उस प्रोग्राम में राज्य के उस वक्त के सीएम अखिलेश यादव और मुलायम सिंह भी मौजूद थे।
इस बार ये फाइटर प्लेन करेंगे लैंडिंग और टेक ऑफ
#2 जोड़ी- जगुआर
#3 जोड़ी-मिराज 2000
#3 जोड़ी-सुखोई 30
#1 सी-130
#3 जोड़ी-मिराज 2000
#3 जोड़ी-सुखोई 30
#1 सी-130
एक्सप्रेस-वे पर एयर स्ट्रिप क्यों बनाई जा रही?
– जंग के दौरान सबसे पहले हवाई हमले एयरबेस और एयरपोर्ट पर ही किए जाते हैं, ताकि फाइटर प्लेन उड़ान न भर सकें।
– ऐसे में, एक्सप्रेस-वे पर बनी एयर स्ट्रिप ही फाइटर प्लेन के लैंड करने और टेक ऑफ करने के काम आती है।
– इसी बात का ध्यान रखते हुए एयरफोर्स चाहती थी कि देश में स्ट्रैटजिकल इम्पॉर्टेंस वाले हाईवे पर एयर स्ट्रिप बनाई जाएं।
– ऐसे में, एक्सप्रेस-वे पर बनी एयर स्ट्रिप ही फाइटर प्लेन के लैंड करने और टेक ऑफ करने के काम आती है।
– इसी बात का ध्यान रखते हुए एयरफोर्स चाहती थी कि देश में स्ट्रैटजिकल इम्पॉर्टेंस वाले हाईवे पर एयर स्ट्रिप बनाई जाएं।
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UP में एयर स्ट्रिप वाले 3 एक्सप्रेस-वे होंगे
– नोएडा से आगरा के बीच बना यमुना एक्सप्रेस-वे देश का पहला एक्सप्रेस-वे है, जहां एयरफोर्स ने फाइटर प्लेन जगुआर को उतारा था।
– इसके बाद इसी तरह की एयर स्ट्रिप लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर बनाई गई।
– अब लखनऊ से बलिया तक बनने जा रहे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर भी इसी तरह की एयर स्ट्रिप बनाई जाएगी। इसके बन जाने के बाद यूपी में तीन एक्सप्रेस-वे हो जाएंगे, जहां फाइटर प्लेन उतारने की फैसिलिटी होगी।
– इसके बाद इसी तरह की एयर स्ट्रिप लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर बनाई गई।
– अब लखनऊ से बलिया तक बनने जा रहे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर भी इसी तरह की एयर स्ट्रिप बनाई जाएगी। इसके बन जाने के बाद यूपी में तीन एक्सप्रेस-वे हो जाएंगे, जहां फाइटर प्लेन उतारने की फैसिलिटी होगी।
यूपी में फाइटर प्लेन के कितने एयरबेस?
– यूपी में फाइटर जेट्स के लिए इलाहाबाद एयरबेस मुख्य है। इनके अलावा लखनऊ के बीकेटी एयरबेस पर भी मिग फाइटर प्लेन उतरते रहे हैं, लेकिन यहां ट्रांसपोर्ट प्लेन सी 130 को अभी तक नहीं उतारा गया है।
– वहीं, बनारस और गोरखपुर एयरपोर्ट पर भी फाइटर प्लेन को उतारा जा सकता है।
– वहीं, बनारस और गोरखपुर एयरपोर्ट पर भी फाइटर प्लेन को उतारा जा सकता है।





