OMG!! एक बंदर के कारण हुआ ‘महाविनाश’…गई 20 लोगों की जान

एक बंदर के कारण जंग छिड़ गई। उस बेजुबान को पता ही नहीं कि उसकी छोटी सी हरकत इतने बड़े विनाश का कारण बन जाएगी, इस जंग में अब तक 20 लोगों की मौत हो गई

OMG!! एक बंदर के कारण हुआ ‘महाविनाश’…गई 20 लोगों की जान

क्या आप ये मान सकते हैं कि किसी बेजुबान जानवर की एक छोटी से हरकत महाविनाश का कारण बन सकती है। सुनने और पढ़ने में ये बात हैरानी भरी लग सकती है। लेकिन ये हकीकत है। दुनिया के एक देश में एक बेजुबान की नासमझी भरी हरकत के कारण दो गुटों में जंग शुरू हो गई। जिसकी परिणिती 20 लोगों की जान पर हुई। चलिए आपको बताते हैं दरअसल पूरा माजरा क्या है।      जिस घटना की बात कर रहे हैं वो अफ्रीकी देश लीबिया में हुई है। लीबिया पहले से गृहयुद्ध से जूझ रहा है। ऐसे में एख बंदर की हरकत ने दो गुटों को आपस में भिड़ा दिया। दरअसल बंदर ने एक स्कूली लड़की पर हमला कर दिया जिसके बाद दो समुदायों के बीच तनाव फैल गया। साथ ही शुरू हो गया हिंसा का वो दौर जिसमें 20 लोगों की जान चली गई।

दक्षिणी लीबिया में दो प्रमुख जनजातियों के बीच हिंसा और तनाव उस समय फैल गया जब गद्दाफा जनजाति के एक दुकानदार के पालतू बंदर ने दूसरी जनजाति की लड़की पर हमला कर दिया। ये कोई बड़ी बात नहीं थी। एक बेजुबान को नहीं पता है कि इंसानों के बीच किस बात को लेकर तनाव है। वो किस बात से भड़क सकते हैं। लेकिन बंदर की ये हरकत दूसरी जनजाति के लोगों को नागवार गुजरी। लड़की के परिजनों ने इसका बदला लेने की ठानी। उन्होने सबसे पहले उस बेजुबान बंदर को मौत के घाट उतारा। जिसे पता ही नहीं था कि उसका कसूर क्या था। उसके बाद गद्दाफा जनजाति के तीन लोगों को मौत के घाट उतार दिया। इस से दूसरी जनजाति के लोग भी भड़क गए। अपने लोगों की हत्या से गुस्से की लहर दौड़ गई। उन्होने भई बदला लेने की सोची।

हिंसा का ये दौर अभी भी जारी है। दोनों जनजातियां लगातार एक दूसरे पर हमला कर रही हैं। स्थानीय समाचारों के मुताबिक बंदर ने अलवाद जनजाति की लड़की का हेडस्कॉर्फ खींच लिया और उसके बाद उस पर हमला बोलते हुए काटकर घायल कर दिया। हमला करने वाला मंकी गद्दाफा जनजाति के एक दुकानदार का था। लड़की के ऊपर हमले की खबर जैसे ही अलवाद सुलेमान जनजाति को मिली उन्होने मंकी को मार डाला। उसके बाद गद्दाफा जनजाति के 3 लोगों को भी मार डाला। बता दें कि दोनों ही जनजातियां भारी भरकम हथियारों से हमेशा लैस रहती हैं। इनके पास हथियारों की कोई कमी नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक टैंक, रॉकेट्स, मोर्टार और कई भारी हथियार लड़ाई में इस्तेमाल लाए जा रहे हैं जिसमें 50 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

बताया जा रहा है कि दोनों जनजातियों के बीच संघर्ष अभी भी जारी है। ये एक दूसरे के खून के प्यासे हो रहे हैं। कोई इन दोनों जनजातियों के बीच सुलह कराने की हिम्मत नहीं दिखा पा रहा है। ये खबरें हैं कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। इसका कारण ये है कि अभी तक वहां पर  सुरक्षाकर्मी नहीं पहुंच पाए हैं। इसके अलावा अभी तक केवल अवलाद सुलेमान गुट के मरने वाले लोगों की गिनती हो पाई है। अभी गद्दाफा जनजाति के मृतकों की गिनती नहीं हो पाई है। साथ ही जो घायल हैं उनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। बता दें कि दोनों जनजातियों के बीच सालों से तनाव चल रहा है। ये दोनों समुदाय एक दूसरे को दुश्मन मानते हैं। फिलहाल एक बेजुबान जानवर के कारण इतने लोग मौत के मुंह में समा गए।

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