OBC में क्रीमी लेयर की सीमा 8 लाख हुई, सब-कैटेगरी बनाने की संभावना तलाशेगा कमीशन

नई दिल्‍ली. सरकार ने केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए अन्‍य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में क्रीमी लेयर की सीमा बढ़ाकर 8 लाख रुपए सालाना कर दी है। अभी यह सीमा 6 लाख रुपए सालाना थी। क्रीमी लेयर की लिमिट बढ़ाए जाने का मतलब यह है कि ओबीसी कैटेगरी 8 लाख रुपए तक सालाना इनकम वाले को भी आरक्षण का लाभ मिलेगा। वहीं, ओबीसी में सब-कैटेगराइजेशन की जांच के लिए सरकार ने एक कमीशन बनाने को मंजूदी दे दी।OBC में क्रीमी लेयर की सीमा 8 लाख हुई, सब-कैटेगरी बनाने की संभावना तलाशेगा कमीशन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की मीटिंग में यह फैसला किया गया।

– कैबिनेट मीटिंग के बाद वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि कमीशन के अध्‍यक्ष की नियुक्ति होने के बाद वह 12 हफ्ते में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
– जेटली ने कहा कि यह कदम सभी ओबीसी को बेनेफिट्स पहुंचाने के लिए उठाया गया है। 
– सरकार के नए फैसले की वजह से अब ओबीसी वर्ग के ज्यादा लोगों को नौकरियों और भर्तियों में आरक्षण का फायदा मिल सकेगा।
– जेटली ने बताया कि ओबीसी लिस्‍ट में सब-कैटिगरी बनाने की दिशा में एक कमीशन बनाने के लिए राष्ट्रपति के पास सिफारिश भेजी गई है। इससे, लाभ पाने से वंचित रह जाने वाले लोगों को भी शामिल किया जा सकेगा। 
– अब तक 6 लाख रुपए या इससे अधिक सालाना आय वाले ओबीसी परिवार को लाभ पाने वालों की सूची से हटाकर क्रीमी लेयर में रखा गया था। इस आय वर्ग के ओबीसी को किसी तरह का फायदा नहीं दिया जाता है। 
– बता दें, केंद्र सरकार का प्‍लान क्रीमी लेयर को फिर से परिभाषित करने का थी, ताकि इसका फायदा जरूरतमंद और समाज के निचले तबके तक पहुंचाया जा सके। ओबीसी आरक्षण के लिए आखिरी समीक्षा 2013 में की गई थी। 

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क्या है क्रीमी लेयर?

– क्रीमी लेयर में आने वाले पिछड़ा वर्ग के लोग आरक्षण के दायरे से बाहर हो जाते हैं। सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण है। 
– इस आरक्षण का लाभ लेने में शर्त यह है कि परिवार की सालाना इनकम क्रीमी लेयर के दायरे में न आती हो। अभी तक सालाना इनकम की लिमिट छह लाख रुपए तक थी। अब यह 8 लाख रुपए हो गई है। 
– जिनकी सालाना इनकम इस लिमिट से अधिक होती है उन्हें क्रीमी लेयर कहा जाता है और वे आरक्षण के लिए पात्र नहीं होते। 
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