अब खेती के लिए दिन में की जाएगी बिजली की सप्‍लाई, रात में पूरी होगी उद्योगों की मांग

Haryana Power Crisis: बिजली संकट से जूझ रहे हरियाणा में मौसम के करवट लेने से थोड़ी राहत मिली है। पिछले दो-तीन दिन से विभिन्न स्थानों पर हुई बूंदाबांदी और बारिश के चलते बिजली की मांग घटी है। ऐसे में उद्योगों को राहत देने के लिए सरकार ने निर्णय लिया है कि कृषि क्षेत्र में बिजली सप्लाई को अब रात के बजाय दिन में किया जाएगा। इससे रात में उद्योगों की बिजली की मांग पूरी की जा सकेगी।

मौसम में हुए बदलाव से बिजली संकट से मिली थोड़ी राहत

गेहूं कटाई के चलते अभी तक कृषि क्षेत्र को रात में बिजली सप्लाई की जा रही थी जिससे उद्योगों में रात को कट लगाने पड़ रहे हैं। बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रदेश में रोजाना औसतन साढ़े 19 करोड़ यूनिट बिजली सप्लाई हो रही है।

साढ़े 19 करोड़ यूनिट बिजली हो रही सप्लाई, मांग से 20 प्रतिशत कम

हरियाणा में पिछले साल के मुकाबले इस बार बिजली की मांग 30 प्रतिशत ज्यादा है। मांग अधिक होने के वजह से बिजली की 20 प्रतिशत कमी है। करीब 2000 मेगावाट बिजली की कमी को पूरा करने के लिए निजी कंपनियों से खरीद की जा रही है।

इसके अलावा पिछले कई दिन से बंद चल रही हिसार जिले की खेदड़ थर्मल पावर संयंत्र के एक यूनिट के शुरू होने की उम्मीद है। चीन के शंघाई में लाकडाउन आंशिक हो गया है। ऐसे में चीनी कंपनी ने खेदड़ पावर प्‍लांट के लिए उपकरण जल्द भेजने का भरोसा दिया है। उपकरण आने के बाद खेदड़ थर्मल की दूसरी यूनिट में उत्पादन शुरू हो जाएगा।

कोयले की कमी बढ़ा रही संकट

प्रदेश में रोजाना कोयले के सात रैक की मांग है, जबकि सिर्फ पांच से छह रैक ही कोयला मिल पा रहा है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने केंद्रीय बिजली मंत्री से मुलाकात में भी यह मुद्दा उठाया था। केंद्रीय बिजली मंत्री ने आपूर्ति बढ़ाने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा अदानी ग्रुप के साथ एक हजार मेगावाट बिजली खरीदने के लिए समझौता आखिरी दौर में है।

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