लोक शिक्षा विभाग ने स्कूल में ड्यूटी के दौरान राज्य के सरकारी स्कूल शिक्षकों द्वारा मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक सर्कुलर जारी किया है। यह सर्कुलर तब आया है जब शिक्षकों द्वारा बढ़ते मोबाइल फोन के उपयोग को लेकर मुद्दा उठने लगा। सरकारी स्कूलों में हेड मास्टर्स और हेडमिसट्रेस को जिम्मेदारी दी है कि वे सुनिश्चित करें कि कोई भी शिक्षक स्कूल में ड्यूटी के समय मोबाइल का इस्तेमाल न करें।

इस महीने के शुरू में जारी किए गए सर्कुलर में कहा गया है कि ‘स्कूलों में आदर्श वातावरण बनाने के लिए मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। सर्कुलर में लिखा है कि हमने देखा है कि काम के समय मोबाइल फोन यूज करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों ने समस्या खड़ी कर दी है। इसलिए हमने फैसला लिया है कि स्कूलों में आदर्श वातावरण बनाने के लिए, स्कूलों में मोबाइल फोन का उपयोग सख्ती से बैन किया गया है।’

सर्कुलर में आगे लिखा कि स्कूल के हेडमास्टर्स और हेडमिस्ट्रेस का दायित्व है कि वे शिक्षकों को अनुशासित करें अगर स्कूल के समय मोबाइल फोन का उपयोग करते पाए जाते हैं। सर्कुलर के मुताबिक ‘जो भी शिक्षक मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए पाया गया, उसे अनुशासित किया जाएगा।’

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इसमें आगे लिखा है, ‘ हेडमास्टर्स या हेडमिस्ट्रेस को चेतावनी देने के बावजूद, अगर स्कूलों में मोबाइल फोन का उपयोग बैन नहीं करते हैं और स्कूल के दौरन इसका यूज करते हुए नजर आते हैं तो हेडमास्टर या हेडमिस्ट्रेस उसके लिए जिम्मेदार होंगे।’

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह आदेश नया नहीं है और पहले भी लागू किया था लेकिन कई क्षेत्रों में स्कूल में काम के दौरान शिक्षकों के मोबाइल का उपयोग करना एक बड़ी समस्या थी।

उम्मीद की जा रही है कि इस नए सर्कुलर से सरकारी स्कूलों में काफी फर्क पड़ेगा और मोबाइल का यूज नहीं होगा।