कोविड-19: अब शादी में 200 के बजाय 50 गेस्ट होंगे शामिल, दिल्ली सरकार के प्रस्ताव को मिली एलजी की मंजूरी

नई दिल्ली। दिल्ली में बढ़ते कोरोना के मामलों को लेकर दिल्ली सरकार ने शादियों में शामिल होने वाले लोंगों की संख्या को फिर से कम कर दिया है। शादी में 200 के बजाय 50 गेस्ट शामिल करने के दिल्ली सरकार के प्रस्ताव को एलजी ने मंजूरी दे दी है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि शादियों में 200 लोगों की जगह सिर्फ 50 लोगों के शामिल होने के प्रस्ताव को उपराज्यपाल की मंजूरी मिल गई है। बता दें कि मंगलवार को दिल्ली सरकार ने इस आशय का प्रस्ताव एलजी के पास भेजा था।

दिल्ली में लॉकडाउन लगाए जाने की अटकलों को मनीष सिसोदिया ने खारिज किया और उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का लॉकडाउन लगाने का कोई इरादा नहीं है। लॉकडाउन कोरोना से लड़ने का उपाय नहीं है। इससे लड़ने का एकमात्र उपाय मेडिकल मैनेजमेंट है। अभी दिल्ली में 26000 लोग होम आइसोलेशन में हैं। हमारे पास 16000 बेड हैं जिनमें से 50% बेड खाली हैं।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को इसकी सूचना दी थी कि सरकार ने शादी-विवाह और सभाओं में दी गई छूट वापस लेने का निर्णय लिया है। शादी-विवाहों में 200 की जगह 50 लोगों के शामिल होने का एक प्रस्ताव भी स्वीकृति के लिए मंगलवार सुबह एलजी अनिल बैजल को भेजा गया है।

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इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने केजरीवाल बताया था कि दिल्ली में कोरोना को फैलने से रोकने के लिए बाजारों में छोटे स्तर पर लॉकडाउन करने का एक प्रस्ताव मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को को भेजा गया है। अगर सरकार को लगता है कि वो बाजार लोकल कोरोना हॉट स्पॉट बन सकता है तो एहतियात के तौर पर कुछ समय के लिए बाजार को बंद कर सकते हैं।

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केजरीवाल ने कहा कि कुछ हफ्ते पहले जब दिल्ली में कोविड-19 की स्थिति में सुधार हुआ था तो शादी, विवाह और सभाओं में शामिल होने वाले मेहमानों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई थी, लेकिन अब सरकार ने इस आदेश को वापस लेने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के मौजूदा दिशानिर्देशों के तहत, राज्यों को स्थानीय लॉकडाउन जैसे प्रतिबंध लगाने के लिए केंद्र की मंजूरी की आवश्यकता है।

अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि दिवाली के दौरान हमने शहर के सभी बाजारों में भारी भीड़ देखी थी और उनमें से कुछ में बड़ी संख्या में लोग न तो मास्क पहने हुए पाए गए और ना ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए। इसके कारण कोरोना वायरस तेजी से फैला।

भले ही अब बाजारों में भीड़ कम होने की उम्मीद है, हम केंद्र सरकार को एक प्रस्ताव भेज रहे हैं, जिसमें हमें उन बाजारों को अस्थायी रूप से बंद करने की अनुमति मांगी है, जहां हम सोशल डिस्टेंसिंग और कोविड-19 नियमों के उल्लंघन या संभावित हॉटस्पॉट के रूप में देखते हैं।

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