कैप्‍टन कैबिनेट के विस्‍तार के बाद भी थम नहीं रही कांग्रेस विधायकों की नाराजगी

चंडीगढ़। कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से नौ नए मंत्रियों को अपनी कैबिनेट में जगह दिए जाने के बाद पार्टी के वरिष्‍ठ विधायकों की नाराजगी कम नहीं हाे पा रही है। नए मंत्रियों के चेहरों पर मुस्कान बिखर गई है तो कैबिनेट में स्‍थान पाने में चूक गए कांग्रेस विधायकों की नाराजगी थमने का नाम नहीं ले रही। अभी तक पांच विधायक तो खुलकर नाराजगी व्यक्त कर चुके हैं। कुछ ने तो पार्टी में अपने पदों से इस्‍तीफा भी दे दिया है। 11 विधायक शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए।कैप्‍टन कैबिनेट के विस्‍तार के बाद भी थम नहीं रही कांग्रेस विधायकों की नाराजगी

नाराज विधायकों से कुछ अपने वर्ग को प्रतिनिधित्व न दिए जाने से नाराज हैं, तो कइयों को लग रहा है कि पार्टी के लिए शहादत देने वाले परिवारों की अवहेलना कर दी गई है। लगभग यही शिकायत उन लोगों को जिनकी वरिष्ठता को दरकिनार कर दिया गया है। पार्टी के विधायक संगत सिंह गिलजियां, सुरजीत सिंह धीमान, नत्थू राम, गुरकीरत सिंह कोटली और नवतेज सिंह चीमा ने खुलकर नाराजगी जाहिर की है।

कैप्टन अमरिंदर ने कहा-कोई नाराजगी नहीं, हर किसी को कैबिनेट में लेना संभव नहीं 

उधर, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दावा किया कि किसी भी विधायक ने पार्टी नहीं छोड़ी है। शपथ समारोह के बाद उन्होंने जागरण को बताया कि सरकार के 77 विधायक हैं और हर किसी को तो कैबिनेट में लेना संभव नहीं है। कैप्टन ने कहा, कैबिनेट में विधायकों को वरिष्ठता और योग्यता के हिसाब से लिया गया है। जिन लोगों को अभी कोई पोस्ट नहीं मिली, उन्हें निराशा नहीं होना चाहिए बोर्ड, कारपोरेशन, मार्केट कमेटियों समेत सात हजार के करीब पद हैं। यथासंभव सभी को एडजस्ट किया जाएगा।

गिलजियां ने की शुरुआत

गौरतलब है कि नाराजगी का पहला बिगुल संगत सिंह गिलजियां ने बजाया था, जो होशियारपुर जिले से तीसरी बार विधायक बने हैं। उन्होंने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। उनका मानना था कि पिछड़े समाज को पार्टी ने बिल्कुल नजरअंदाज कर दिया है। लगभग यही नाराजगी तीसरी बार विधायक बने सुरजीत सिंह धीमान की है। धीमान दो बार दिड़बा से और एक बार अमरगढ़ हलके से प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वह भी पिछड़े वर्ग से संबंधित हैं।

सुल्तानपुर लोधी सीट से अकाली दल की सीनियर लीडर और पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ उपिंदरजीत कौर को हराकर आने वाले नवतेज चीमा भी नाराज हैं। उनका कहना है कि उन्होंने लंबे समय से अकाली कब्जे में चली आ रही सीट को दो बार कांग्रेस की झोली में डाला है। इसके बावजूद उनकी अवहेलना की गई है।

पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के परिवार से भी किसी को कैबिनेट में नहीं लिया गया है। उनका पोता गुरकीरत कोटली दूसरी बार खन्ना से विधायक बना है। उनका कहना है कि जिस परिवार ने पार्टी और पंजाब के लिए सबसे बड़ी शहादत दी हो उसकी ही अवहेलना की गई है। बल्लुआणा के विधायक नत्थू राम ने भी दलितों की अवहेलना करने से नाराजगी व्यक्त की है।

नाराज विधायकों को मना लिया जाएगा: जाखड़

कांग्रेस के प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ ने कहा कि जिन लोगों का नाम मंत्री की सूची में नहीं आया उनका नाराज होना स्वाभाविक है। इन सभी से बात करके इन्हें मना लिया जाएगा। पार्टी इन सभी को एडजस्ट करने की पूरी कोशिश करेगी।

गिलजियां के बाद धीमान व नत्थू राम का भी पार्टी पदों से इस्तीफा

संगरूर/कपूरथला: कैप्टन सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार में जगह नहीं मिलने पर होशियारपुर के हलका टांडा उड़मुड़ से कांग्रेस विधायक संगत सिंह गिलजियां के बाद शनिवार को संगरूर के हलका अमरगढ़ के कांग्रेस विधायक सुरजीत सिंह धीमान और फाजिल्का जिले के हलका बल्लूआना के विधायक नत्थू राम ने पार्टी के पदों से इस्तीफा दे दिया। सुल्तानपुर लोधी के विधायक नवतेज सिंह चीमा और खन्ना के विधायक गुरकीरत सिंह कोटली भी नाराज हैं।

 
Loading...

Check Also

अनंत कुमार के निधन पर नीतीश कुमार ने जताया शोक, कहा- 'अच्छे कामों के लिए याद किए जाएंगे'

अनंत कुमार के निधन पर नीतीश कुमार ने जताया शोक, कहा- ‘अच्छे कामों के लिए याद किए जाएंगे’

पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार के निधन पर …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com