…तो यह है उत्तर कोरिया और अमेरिका के टकराव की असली वजह!

अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद उत्तर कोरिया अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। 15 सितंबर को उसने एक बार फिर मिसाइल दागी है, जो जापान से ऊपर से होते हुए प्रशांत महासागर में जा गिरी। एक महीने में उत्तर कोरिया ने दूसरी बार जापान की ओर मिसाइल दागी है।
अब हालात ऐसे हो गए हैं कि किम जोंग उन अमेरिका और जापान के लिए सिरदर्द बन चुका है।
गौरतलब है कि इस साल उत्तर कोरिया 6 बार परमाणु परीक्षण कर चुका है। हाल में ही उसने दावा किया कि उसका हाइड्रोजन बम का परीक्षण भी सफल रहा। वहीं अमेरिका, उत्तर कोरिया को कई बार चेतावनी दे चुका है। बता दें कि प्योंगयांग ने अमेरिका द्वीप गुआम को उड़ाने की धमकी भी दी थी।
ऐसा ही माहौल 1994 में अमेरिकी राष्ट्रपति क्लिंटन के दौरान था। उस समय भी लगा था कि अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच युद्ध लगभग तय है। साल 2002 में भी दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा था। जब उत्तर कोरिया के चोरी छिपे परमाणु हथियार विकसित करने की शिकायत मिलने पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु पर्यवेक्षक इसकी जांच के लिए पहुंचा।
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उस वक्त अंतरराष्ट्रीय परमाणु पर्यवेक्षक की टीम को जांच करने से रोक दिया गया था। उत्तर कोरिया के मामलों के विशेषज्ञ की मानें तो कोरियाई संघर्ष आज तक खत्म नहीं हुआ है। प्योंगयांग के मुताबिक उसकी और अमेरिका की पुरानी दुश्मनी आज भी कायम है।





