Home > राज्य > मध्यप्रदेश > इंदौर : ‘गम नहीं, बदला लेना था मुझे, दर्द देने में आता है मजा”

इंदौर : ‘गम नहीं, बदला लेना था मुझे, दर्द देने में आता है मजा”

इंदौर। पांच माह की बच्ची की मौत की गुत्थी सिर्फ 20 मिनट में तब सुलझ गई, जब पुलिस के पास फुटेज आए। रेखा ने फुटेज देख पति (नवीन) के रूप में पहचान की। सीएसपी बीपीएस परिहार ने बताया कि फुटेज से आरोपित की शिनाख्त करवाना थी। राजवाड़ा पर फुग्गे बेचने वालों को उसे दिखाकर पूछताछ की। तब वहां रेखा नामक महिला ने उसकी शिनाख्त पति नवीन के रूप में की।

फुटेज देख बच्ची की मां व रेखा ने एकदूसरे का मुंह देखा। पूछताछ में पहले तो रेखा खामोश रही। फिर मनोवैज्ञानिक तरीका अपनाया तो उसे आंसू आ गए। उसने कहा इस दरिंदे से हम भी परेशान हैं, उसे फांसी देना चाहिए। उसके बाद रेखा टीम के सिपाही जवाहर सिंह और सुरेश कुशवाह को उसके गाडराखेड़ी स्थित घर ले गई।

पुलिस को देख भागने लगा 

पुलिस शाम 6.30 बजे गाडराखेड़ी पहुंची तो घर के पास चौराहे पर ही नवीन बैठा दिखा। वह पुलिस को देख भागने लगा। पकड़े जाने पर उसने कहा- ‘मुझे छोड़ दो, मैं काली माता के मंदिर दर्शन करने जा रहा हूं। थाने में सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने जुर्म कबूल लिया।

ब्लेड और चाकू के 60 से ज्यादा निशान

नवीन ब्राउन शुगर, गांजा, अफीम, चरस, शराब और नाइट्रावेट सहित सभी तरह का नशा करता है। वह नशा करने के बाद अपने शरीर को ब्लेड या चाकू से काटकर लहूलुहान करता था। उसके दोनों हाथ, सीने और पेट पर 60 से ज्यादा निशान हैं। उसके पड़ोसी सुनील भाकसे ने बताया वह 12 साल की उम्र से नशा करता है। उसके पांच महिलाओं से संबंध है। एक को छोड़कर दूसरी के पास चला जाता है। वह बड़वाली चौकी स्थित चाय दुकान पर काम करता था। उसकी गंदी हरकतों को देखकर दुकान मालिक ने उसे दो साल पहले निकाल दिया था।

नाना टीआई थे, मां बेचती थी अवैध शराब

नवीन के पिता का पूर्व में ही देहांत हो चुका है। परिवार में मां शशिकला, बहन रंजीता, मुनमुन, चंचल और भाई नीरज व विक्की है। उसके नाना जनकोजी रॉव घोड़पड़े उज्जैन के नागझिरि में टीआई रह चुके है। मां अवैध शराब बेचती थी।

घर से ही उसे शराब पीने की लत लगी। बहन रंजीता ने बताया पैरू से अब कोई संबंध नहीं है। वह घर में था तो नशा करता था और मां-बहनों को ही पीटता था। चोरी करना, लोगों को पीटना उसकी आदत हो गई थी।

उसे 15 साल की उम्र से ही घर से भगा दिया। फिर कभी वह बिजासन तो कभी चोइथराम मंडी में डेरों वालों के साथ रहने लगा। कभी-कभी गाडराखेड़ी भी आता था।

25 हजार की घोषणा, पीड़ित परिवार का खाता नहीं

पुलिस ने बताया कि मृतका के मातापिता भी शराब के आदी हैं। प्रशासन ने बच्ची के अंतिम संस्कार के लिए 25 हजार रुपयों की घोषणा की थी, लेकिन परिवार का बैंक में खाता नहीं होने से अफसर परिजन को राशि नहीं दे पाए। उन्हें आशंका थी कि नकद रुपए देने पर वे शराब न पी जाएं।

बच्ची के भाई-बहनों के नाम होगी दो लाख की एफडी

डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र ने छह घंटे में आरोपी को पकड़ने वाली टीम को इनाम देने की घोषणा की है। डीआईजी मध्यप्रदेश प्रतिकर योजना की स्थानीय समिति के सदस्य भी हैं। उन्होंने बताया मध्यप्रदेश पीड़ित प्रतिकर अधिनियम 2015 के अंतर्गत पीड़ित या उसके परिवार को 2 लाख स्र्पए की सहायता राशि दी जाती है।

हम ज्यादा से ज्यादा राशि परिवार को दिलाने की कोशिश करेंगे। जो राशि मिलेगी उससे मृतक बच्ची के भाई-बहनों के नाम एफडी कराई जाएगी, जो उनकी पढ़ाई में काम आ सके। वहीं कलेक्टर पीड़ित परिवार के लिए रेडक्रॉस सोसायटी से 25 हजार रुपए की सहायता राशि देंगे। इसके लिए दंपती का बैंक खाता खुलवाया जा रहा है।

पीड़िता का अंतिम संस्कार करने के लिए मांगे रुपए

बच्ची के साथ हुई दरिंदगी में शहरवासी आंसू बहा रहे हैं। सभी की संवेदनाएं बच्ची से जुड़ गईं। वहीं, शमशान घाट पर अंतिम संस्कार करने वालों ने उस समय इंसानियत को तार-तार कर दिया। जब परिजन बच्ची का शव लेकर जूनी इंदौर स्थित बच्चों के श्मशान गए।

वहां शव दफनाने के लिए उनसे स्र्पए मांग लिए गए। मना करने पर अंतिम संस्कार से मना कर दिया। बाद में पुलिस अफसरों ने एमजी रोड के सिपाही जवाहर सिंह को मौके पर भेजकर अंतिम संस्कार करवाया। इधर, बच्ची के परिजन की मदद को लेकर आगे आए प्रॉपर्टी ब्रोकर धीरज ठाकुर ने 21 हजार रुपए दिए।

बनाता रहा अलग-अलग कहानियां

आरोपित से एसआईटी टीम ने भी पूछताछ की। शुक्रवार शाम 7 बजे से शनिवार सुबह 5.30 बजे तक उससे एमजी रोड, सदर बाजार और सराफा में पूछताछ चलती रही। टीम प्रभारी और भंवरकुआं थाना टीआई शिवपालसिंह कुशवाह रात में सदर बाजार थाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि पहले तो आरोपित अलग-अलग कहानियां गढ़ता रहा। कभी उसने कहा उसने कुछ नहीं किया। फिर कहने लगा कि कुत्ता बच्ची को मुंह में दबाकर ले गया था। वह तो उसे बचा रहा था।

बच्ची का भाई निकला कुपोषित, मां बेटे को लेकर गायब

शनिवार सुबह मध्यप्रदेश बाल संप्रेक्षण आयोग की सदस्य अंजू मिश्रा, चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी (सीडब्ल्यूसी) की अध्यक्ष माया पांडे टीम के साथ राजवाड़ा पहुंचीं। यहां मृतक बच्ची का परिवार उन्हें मिल गया। मृतका की 5 वर्षीय बहन और दोनों भाई मां की गोद में थे। इनमें ढाई साल का बच्चा कुपोषित था।

टीम ने आसपास के लोगों से जानकारी ली तो पता चला मां बच्चों को दिखाकर लोगों से भीख मांगती है। उसके अन्य रिश्तेदार भी यही काम करते हैं। इस पर टीम ने अच्छी परवरिश के लिए बच्चों को सीडब्ल्यूसी को सौंपने के लिए कहा।

दो बच्चे तो उसने सौंप दिए, लेकिन तीसरे बच्चे को देने की बात कहकर वह गायब हो गई। टीम अब उसकी तलाश कर रही है। वहीं, उन्हीं की एक रिश्तेदार महिला ने अपने तीन बच्चे टीम को सौंप दिए। पांचों बच्चों का एमवाय अस्पताल में मेडिकल करवाया गया। उन्हें छावनी स्थित होस्टल में रखा जाएगा।

हत्या के बाद साइकिल पर घूमता रहा आरोपी

पुलिस अफसरों ने वारदात के बाद पैरू की मनोदशा व दिनचर्या के बिंदु पर भी जांच की। उससे पूछताछ के बाद सीएसपी बीपीएस परिहार ने उसकी दिनचर्या बताई।

सुबह 5 बजे : हत्या के बाद पैरू साइकिल लेकर राजवाड़ा से सदर बाजार इलाके में घूमता रहा। इस दौरान उसने शराब पी।

सुबह 8 बजे : गाडराखेड़ी स्थित घर पहुंचा। वहां अधिक लोग थे तो उसने गुपचुप तरीके से कपड़े बदलकर छिपा दिए।

8.30 बजे : बिना नहाए पैरू काली माता मंदिर गया। वहां करीब एक घंटे तक बैठा रहा।

9.30 बजे : मंदिर से दोबारा गाडराखेड़ी लौटा। वह नहाया और खाना खाकर सो गया। इस बीच उसने घरवालों से ज्यादा बातचीत नहीं की।

दोपहर 2 बजे : पैरू ने परिवार वालों के जरिए मृतका के परिजन ने संपर्क किया। उन्होंने कहा कि बच्ची नहीं मिल रही है। बच्ची के बारे में पता चले तो बताना। उन्होंने पैरू के बारे में भी पूछा, लेकिन परिजन ने कहा कि वह सोया है। उसे उठाकर बच्ची को ढूंढने के लिए राजवाड़ा भेजते हैं।

दोपहर 2.30 बजे: पैरू को परिजन ने उठाया। उसे बच्ची के लापता होने की बात कही। इस पर पैरू ने राजवाड़ा जाकर बच्ची को तलाशने की बात कही।

शाम 6.30 बजे : वह तैयार हुआ और बच्ची को ढूंढने के बहाने से घर से निकल गया। तीन घंटे तक वह नशा करके गाडराखेड़ी इलाके के आसपास घूमता रहा। शाम को चौराहे पर आकर बैठ गया। पुलिस आई तो पकड़ा गया।

Loading...

Check Also

राजस्थान चुनाव: चुनावी समर में बीजेपी ने 23 तो कांग्रेस ने 27 महिलाओं को दिया मौका

राजस्थान चुनाव: चुनावी समर में बीजेपी ने 23 तो कांग्रेस ने 27 महिलाओं को दिया मौका

जयपुर: कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए 27 महिलाओं को अपना प्रत्याशी बनाया है जबकि भारतीय …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com