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मिशन 2019 के लिए सामाजिक व सियासी दोनों स्तर पर सक्रिय CM नीतीश

पटना। बिहार राजग (राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) में अपनी बड़े भाई की भूमिका की याद दिलाते हुए जदयू (जनता दल यूनाइटेड) ने 2019 लोकसभा चुनाव के लिए दो-धारी नीति बनाई है। यह राजनीतिक और सामाजिक, दोनों ही लेवल पर समान रूप से फोकस है। बल्कि, पार्टी सामाजिक स्तर पर हो रहे कार्यों को अधिक महत्व दे रही है। समाज में सरकार के प्रति किसी प्रकार का नकारात्मक संदेश न जाए, इसके लिए पार्टी सुप्रीमो व मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार पूर्व के फैसलों में संशोधन की भी तैयारी में हैं।मिशन 2019 के लिए सामाजिक व सियासी दोनों स्तर पर सक्रिय CM नीतीश

शराबबंदी कानून में होगा संशोधन

सबसे महत्वपूर्ण शराबबंदी कानून में संशोधन है। माना जा रहा है कि यह संशोधन विपक्ष के इस आरोप को कुंद करने के लिए है कि शराबबंदी कानून के तहत सबसे अधिक दलित एवं गरीब वर्ग के लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है।

एससी-एसटी युवाओं को उद्यमी बनाने की योजना

इसी कड़ी में एससी-एसटी युवाओं को उद्यमी बनाने की योजना में संशोधन और स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के लिए अलग से वित्तीय निगम की स्थापना को भी देखा जा रहा है। समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचने के लिए विभिन्न वर्गों को टारगेट कर कई योजनाएं हाल में आरंभ की गई हैं। इनमें अनुसूचित जाति-जनजाति और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के युवाओं को यूपीएससी एवं बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा पास करने पर प्रोत्साहन राशि, अल्पसंख्यकों के लिए हर जिले में आवासीय स्कूल खोलने जैसी पहल प्रमुख है।

अधिक सीटें पाने की भी जद्दोजहद

इन राजनीतिक फैसलों के माध्यम से लोगों की जदयू के प्रति गोलबंदी के अलावा तालमेल में अधिक सीटें पाने की भी जद्दोजहद है। इसके लिए नीतीश कुमार के चेहरे का एनडीए को अधिक लाभ दिलाने से लेकर पूर्व में जदयू के हिस्से में 40 में से आई 25 सीटें जैसी चर्चाएं जारी हैं।

सामाजिक सरोकार से जुड़ी मुहिम जारी

मुख्यमंत्री की हैसियत से नीतीश कुमार ने सामाजिक सरोकार से जुड़ी कई मुहिम शुरू की है। पार्टी का मानना है कि बेहतर नतीजे के लिए राजनीतिक गठबंधन के साथ-साथ सामाजिक गठबंधन भी आवश्यक है ताकि समाज का हर तबका वोट डालते समय जदयू को अवश्य याद रखे। इन अभियान में नशाबंदी, दहेज बंदी और बाल विवाह पर रोक प्रमुख हैं। जदयू ने इस मुहिम की सफलता के लिए युवा प्रकोष्ठ और महिला कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया है। महिला कार्यकर्ताओं को लेकर तो अलग से समाज सुधार वाहिनी का गठन किया गया है।

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