Home > राज्य > महाराष्ट्र > गढ़चिरौली में फोर्स ने एक झटके में खत्म किया नक्सलवाद

गढ़चिरौली में फोर्स ने एक झटके में खत्म किया नक्सलवाद

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में फोर्स ने एक झटके में नक्सलवाद खत्म कर दिया है। पुलिस अफसरों का कहना है कि गढ़चिरौली में उनकी पूरी कंपनी नष्ट हो गई है। इस इलाके में उन्हें दोबारा संगठित होने में वर्षों लग जाएंगे। माना जा रहा है कि गढ़चिरौली अब शांत हो जाएगा। नक्सलियों पर फोर्स का कहर इससे पहले 2 मार्च को टूटा था जब छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 10 नक्सली मारे गए थे। इस ऑपरेशन को तेलंगाना के ग्रेहाउंड फोर्स ने अंजाम दिया था। गढ़चिरौली में अब तक सबसे ज्यादा नक्सली मारे गए हैं।

गढ़चिरौली में फोर्स ने एक झटके में खत्म किया नक्सलवाद

इससे पहले अक्टूबर 2016 में दंडकारण्य इलाके के ही ओड़िशा के मलकानगिरी में बड़ी सफलता मिली थी। आंध्रप्रदेश और ओड़िशा बार्डर पर स्थित चित्रकोंडा में ग्रे हाउंड फोर्स ने 24 नक्सली मार गिराए थे। इस हमले में डीवीसी कमांडर उदय चलपती भी मारा गया था। तब से चित्रकोंडा इलाके में कोई बड़ी नक्सली घटना नहीं हुई है। 2013 में छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों की राजधानी कहे जाने वाले पुवर्ती-कांचाल के जंगलों में सीआरपीएफ ने ऑपरेशन चलाया था। तब वहां 14 नक्सली मारे गए थे। इन सभी जगहों पर फोर्स के झटके से नक्सली अब तक नहीं उबर पाए हैं।

गढ़चिरौली में अब तक की सबसे बड़ी सफलता मिली है। यहां एक साथ 37 नक्सली मारे गए हैं। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि फोर्स ने एक झटके में नक्सलवाद खत्म कर दिया है। गढ़चिरौली में मारे गए 37 नक्सलियों में दो डिवीजनल कमेटी के सचिव स्तर के हैं जबकि कई डिविजनल कमेटी के सदस्य हैं। हालांकि अब तक 16 शवों की पहचान ही हो पाई है लेकिन माना जा रहा है कि 37 में कई और महत्वपूर्ण नक्सली लीडर शामिल होंगे। आशंका तो यह भी जताई गई कि इस हमले में नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी के चीफ गणपति की भी मौत हो गई है। इतने बड़े नुकसान के बाद नक्सली दोबारा उठ पाएंगे इसकी संभावना कम ही है।

ज्ञात हो कि गढ़चिरौली के कसनपुर में 21 अप्रैल की आधी रात को महाराष्ट्र पुलिस के सी-60 कमांडो ने धावा बोला और घेराबंदी की। 22 अप्रैल की सुबह मुठभेड़ हुई जिसमें 16 शव बरामद किए गए। बाद में सर्चिंग की गई तो इंद्रावती नदी में तैरते 15 और शव भी मिले। 23 अप्रैल को इसी से सटे जिमलगट्टा के जंगलों में एक और मुठभेड़ हुई जिसमें छह नक्सली हलाक कर दिए गए। 72 घंटों में 37 नक्सलियों के शव बरामद कर महाराष्ट्र पुलिस ने रिकार्ड बना दिया। मारे गए नक्सलियों में 19 महिलाएं भी हैं। इसमें श्रीनिवास और साईनाथ नाम के दो बड़े लीडर्स मारे गए। ऐसे में नक्सली दोबारा सिर उठा पाएंगे इसकी संभावना कम ही है।

कुल 1.6 करोड़ का इनाम 

मारे गए नक्सलियों में जिनकी शिनाख्त हुई है उन पर महाराष्ट्र में 1 करोड़ 06 लाख का इनाम  था। कई  नक्सलियों पर छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र और ओड़िशा में भी इनाम था। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अलग-अलग राज्यों में इनाम  का कोई मतलब नहीं है। जिस राज्य में नक्सली मारे जाते हैं या सरेंडर करते हैं वहां घोषित इनाम ही दिया जाता है। 

Loading...

Check Also

पंचायत चुनावों के लिए 40 हजार सुरक्षाकर्मी तैयार...

पंचायत चुनावों के लिए 40 हजार सुरक्षाकर्मी तैयार…

आतंकियों की धमकियों और अलगाववादियों के चुनाव बहिष्कार के फरमान के बीच हो रहे पंचायत …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com